CG में वाहन मालिकों को बड़ी राहत
CG में वाहन मालिकों को बड़ी राहत
रायपुर: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब नंबर प्लेट के लिए आवेदन करते समय मोबाइल नंबर देना अनिवार्य नहीं रहेगा। राज्य सरकार को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
विभाग के अनुसार, मोबाइल नंबर बाद में भी अपडेट कराया जा सकेगा, जिससे वाहन मालिकों को आवेदन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी परेशानियों से राहत मिलेगी। अब तक एचएसआरपी के लिए आवेदन करते समय मोबाइल नंबर अनिवार्य था और बिना नंबर दर्ज किए आवेदन आगे नहीं बढ़ पाता था। ग्रामीण क्षेत्रों सहित कई जगहों से मोबाइल लिंकिंग को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
लाखों वाहन मालिकों को मिलेगा फायदा
प्रदेश में करीब 52 लाख पंजीकृत वाहनों में से अब तक लगभग 10 लाख वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग चुकी है, जबकि करीब 40 लाख वाहनों में इसे लगाया जाना प्रस्तावित है। वहीं लगभग दो लाख वाहन कंडम श्रेणी में शामिल हैं। नए आदेश के बाद बड़ी संख्या में वाहन मालिक आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
2019 से पहले खरीदे वाहनों में अनिवार्य
परिवहन विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और वाहन चोरी व फर्जी नंबर प्लेट पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
वाहन मालिक परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट cgtransport.gov.in, बुक माई एचएसआरपी पोर्टल या नजदीकी परिवहन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी) तथा पुरानी नंबर प्लेट की जानकारी देना आवश्यक होगा।
अनावश्यक परेशानी से मिलेगी राहत
नए आदेश से खासकर उन वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, जिनका मोबाइल नंबर अपडेट नहीं था या तकनीकी कारणों से आवेदन अटक रहा था। विभाग का मानना है कि प्रक्रिया आसान होने से एचएसआरपी लगाने की रफ्तार भी तेज होगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
मोबाइल नंबर अपग्रेडेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब वाहन मालिक बिना मोबाइल नंबर दिए भी एचएसआरपी के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक सुगम होगी।
-डी. रविशंकर,अतिरिक्त परिवहन आयुक्त







