लाभांडी में पाइपलाइन निर्माण में विलंब, महापौर ने लिया सख्त रुख

लाभांडी में पाइपलाइन निर्माण में विलंब, महापौर ने लिया सख्त रुख

लाभांडी में पाइपलाइन निर्माण में विलंब, महापौर ने लिया सख्त रुख

रायपुर। महापौर मीनल चौबे ने जल कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों एवं एजेंसी को कड़ी चेतावनी दी है। लाभांडी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मार्च तक 1600 मीटर पाइपलाइन बिछाकर उसकी टेस्टिंग पूर्ण कर ली जानी थी, लेकिन कार्य अधूरा है और टेस्टिंग की कोई व्यवस्था मौके पर उपलब्ध नहीं है। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए संबंधितों को फटकार लगाई।

महापौर ने स्पष्ट कहा कि पूर्व में भी अमृत मिशन के तहत पाइपलाइन बिना टेस्टिंग के बिछा दी गई थी, जिससे गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुई थीं, ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पाइपलाइन की टेस्टिंग एवं प्रेशर जांच के लिए आवश्यक हाइड्रो टेस्टिंग पंप और प्रेशर गेज मौके पर उपलब्ध नहीं हैं। इस पर महापौर ने अधिकारियों से सवाल करते हुए पूछा कि साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान आखिर किस आधार पर किया गया।

महापौर मीनल चौबे ने कार्यस्थल पर सामग्री प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल आवश्यक मात्रा में ही सामग्री लाई जाए, अतिरिक्त सामग्री का भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही सामग्री के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महापौर ने आज नगर निगम जोन 9 के अंतर्गत लाभांडी एवं जोरा क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग मद से चल रहे पाइपलाइन कार्यों का निरीक्षण नगर निगम अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, उप अभियंता रमेश पटेल एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया। निरीक्षण के दौरान अनुबंधित एजेंसी कोया एण्ड कंपनी हैदराबाद के प्रतिनिधियों से टेस्टिंग हेतु लैब एवं साइट ऑफिस की जानकारी मांगी गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर महापौर ने एजेंसी को तत्काल साइट ऑफिस एवं लैब स्थापित करने के निर्देश दिए। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जल संबंधी कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि नागरिकों को पर्याप्त प्रेशर के साथ नियमित पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता कदापि सहन नहीं किया जाएगा।