माओवादी नेतृत्व में ऐतिहासिक फेरबदल, झारखंड कैडर को मिल सकती है कमान

माओवादी नेतृत्व में ऐतिहासिक फेरबदल, झारखंड कैडर को मिल सकती है कमान

माओवादी नेतृत्व में ऐतिहासिक फेरबदल, झारखंड कैडर को मिल सकती है कमान

जगदलपुर। माओवादी हिंसा (Maoist violence) के चार दशक के इतिहास में पहली बार संगठन की सर्वोच्च कमान तेलंगाना कैडर से बाहर जाती दिख रही है। तेलंगाना के मुलगु जिले से जुड़े माओवादी हिंसा के प्रमुख चेहरे थिप्पिरि तिरुपति उर्फ देवजी और ओडिशा राज्य प्रभारी केंद्रीय समिति सदस्य मल्लाजी रेड्डी उर्फ संग्राम के समर्पण के बाद संगठन में नेतृत्व संकट गहरा गया है।

हालांकि, तेलंगाना पुलिस या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दोनों शीर्ष माओवादी फिलहाल तेलंगाना पुलिस की कस्टडी में हैं।
देवजी के समर्पण से तेलंगाना कैडर का दबदबा समाप्त होता दिख रहा

देवजी माओवादी संगठन के हिंसक दल का प्रभारी था और अघोषित रूप से भाकपा (माओवादी) के महासचिव की भूमिका निभा रहा था। उसके समर्पण के साथ ही तेलंगाना कैडर का वह दबदबा समाप्त होता दिख रहा है, जो पिछले करीब 40 वर्षों से हिंसक गतिविधियों की दिशा तय करता रहा।

मौजूदा हालात में संगठन की बागडोर मिशिर बेसरा के हाथ जाने की आशंका जताई जा रही है। 64 वर्षीय मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय है और फिलहाल ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ईआरबी) की कमान संभाल रहा है।
तेलंगाना कैडर पर भारी पड़ा 2025

माओवादी संगठन में लंबे समय से हावी तेलंगाना कैडर के लिए वर्ष 2025 विनाशकारी साबित हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक माओवादी आंदोलन के समूल सफाये के संकल्प के बाद छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सुरक्षा अभियानों की रफ्तार तेज हुई।

नतीजतन वर्ष 2025 में कुल 10 शीर्ष माओवादी मारे गए, जिनमें सात तेलंगाना कैडर से थे। इनमें माओवादी संगठन प्रमुख समेत नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू, जयराम उर्फ चलपति, नरसिम्हा चलम उर्फ सुधाकर, उदय उर्फ गजरला रवि, मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्णन, गुड्सा उसेंडी उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा उर्फ कादरी सत्यानारायण रेड्डी समेत अन्य शामिल हैं।
बीबीएम डिविजन करेगा आत्मसमर्पण

तेलंगाना में शीर्ष माओवादी देवजी और संग्राम के समर्पण के बाद, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा पर सक्रिय माओवादी संगठन सीपीआइ के बीबीएम डिविजन ने सामूहिक आत्मसमर्पण का संकेत दिया है।

संगठन के एक पदाधिकारी ने राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा को भेजे गए पत्र में वर्तमान राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सशस्त्र संघर्ष छोड़ने की बात कही है। बीबीएम डिविजन के 15 सदस्य आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में हैं, जिनमें 14 छत्तीसगढ़ और एक तेलंगाना से संबंधित है।
इनके हाथ थी भाकपा (माओवादी) की कमान

मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति: 21 सितंबर 2004 से 10 नवंबर 2018
नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू: 10 नवंबर 2018 से 21 मई 2025
थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी: 8 सितंबर 2025 से अब तक (आधिकारिक नहीं

आइईडी के विस्फोट में एसटीएफ का एक जवान घायल

उधर, बीजापुर में माओवादियों के लगाए प्रेशर आइईडी विस्फोट में जवान घायल बीजापुर जिले में रविवार को माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आइईडी के विस्फोट में एसटीएफ का एक जवान घायल हो गया। यह घटना उस समय हुई, जब संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम एरिया डामिनेशन अभियान पर निकली थी।

घायल जवान की पहचान नीलकंठ सिंह के रूप में हुई है। घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया और स्थिति को देखते हुए हेलीकाप्टर से रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया है।