T20 World Cup: बेहद पेचीदा हुई सेमीफाइनल की जंग

T20 World Cup: बेहद पेचीदा हुई सेमीफाइनल की जंग

T20 World Cup: बेहद पेचीदा हुई सेमीफाइनल की जंग

नई दिल्ली । टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण ने क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। 22 फरवरी के मुकाबलों ने सेमीफाइनल के समीकरणों को पूरी तरह से उलझा दिया है। जहां साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमें मजबूत स्थिति में दिख रही हैं, वहीं भारतीय टीम की हार ने उसकी राह को कांटों भरा बना दिया है।
सेमीफाइनल की रेस में कौन आगे, कौन पीछे?

वर्तमान प्रदर्शन और अंकों के आधार पर, सेमीफाइनल की दौड़ में टीमों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

    सबसे मजबूत: साउथ अफ्रीका (ग्रुप-1) और इंग्लैंड (ग्रुप-2)
    दावेदार: न्यूजीलैंड और पाकिस्तान
    मुश्किल में: टीम इंडिया और श्रीलंका

इंडिया के लिए अब हर मैच है 'वर्चुअल नॉकआउट'

साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की करारी हार ने भारत को ग्रुप-1 में सबसे नीचे (चौथे स्थान) धकेल दिया है।

    भारत का नेट रन रेट (NRR) -3.800 है, जो बेहद चिंताजनक है।
    सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अगले दोनों मैच न केवल जीतने होंगे, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज कर नेट रन रेट में सुधार करना होगा।

इंग्लैंड और श्रीलंका: ग्रुप-2 का रोमांच

इंग्लैंड ने श्रीलंका को 51 रनों से हराकर ग्रुप-2 की अंक तालिका में शीर्ष स्थान कब्जा लिया है।

    +2.550 के शानदार रन रेट के साथ इंग्लैंड 24 फरवरी को पाकिस्तान और 27 फरवरी को न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। एक भी जीत उन्हें सेमीफाइनल के करीब ले जाएगी।
    हार के बाद श्रीलंका चौथे स्थान पर है। उन्हें 25 फरवरी को न्यूजीलैंड और 28 फरवरी को पाकिस्तान को हराना होगा, साथ ही अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

पाकिस्तान और न्यूजीलैंड का बारिश ने बिगाड़ा खेल

इन दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला बारिश के कारण धुल गया, जिससे दोनों को 1-1 अंक से संतोष करना पड़ा।

    फिलहाल ग्रुप-2 में दूसरे स्थान पर है। 25 फरवरी को इंग्लैंड और 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ जीत उन्हें सेमीफाइनल का टिकट दिला सकती है।
    न्यूजीलैंड: कीवी टीम के लिए भी समीकरण साफ है अगले दोनों मैच (श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ) जीतें और सीधे क्वालीफाई करें। एक हार उन्हें नेट रन रेट के चक्रव्यूह में फंसा सकती है।

टी-20 विश्व कप 2026 में अब कोई भी टीम ढिलाई नहीं बरत सकती। भारत के लिए आगामी मुकाबले 'फाइनल' की तरह हैं, क्योंकि एक भी हार का मतलब विश्व कप से विदाई हो सकता है।