25 दिन से गायब नाबालिग इंदौर में मिला:बोला- घूमने का मन था, परिवार से पूछताछ तो जाने नहीं देते; प्रतिमा विसर्जन के बाद हुआ था लापता

जिले के आरोन इलाके से लापता हुए नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वह 25 दिन से लापता था। घर से प्रतिमा विसर्जन में जाने का कहकर निकला और वापस नहीं लौटा। नाबालिग का घूमने का मन था और घरवालों को बताता तो वे जाने नहीं देते। इसलिए नाबालिग बहाना बनाकर इंदौर घूमने निकल गया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 14 अक्‍टूबर को पिता की ओर से जिले के आरोन थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया था कि 12 अक्‍टूबर को उनका 17 वर्षीय नाबालिग बेटा माता की झांकी विसर्जित कराने गया था। वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा। उन्होंने अपने लड़के को सब जगह तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उन्हीं शिकायत पर पुलिस ने नाबालिग की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। SP संजीव कुमार सिंहा के निर्देशन में SDOP राघौगढ़ दीपा डोडवे के मार्गदर्शन में जिले के आरोन थाना प्रभारी TI रितुराज सिंह कुशवाह और उनकी टीम बच्चे की तलाश में लग गई। इसी क्रम में लापता बच्चे के संबंध में मिली जानकारी पर आरोन थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई कर बच्चे को बरामद कर लिया गया। वह इंदौर में मिला। पूछताछ में उसने बताया कि उसका बहुत दिनों से बाहर घूमने जाने का मन कर रहा था। अगर वह घरवालों को बताता तो घरवाले उसे घूमने नहीं जाने देते। इसलिए वह घरवालों को बिना बताए ही इंदौर चला गया था। वह लगभग 20 दिन तक इंदौर में रहा और वहां अलग-अलग जगह घूमता रहा।

25 दिन से गायब नाबालिग इंदौर में मिला:बोला- घूमने का मन था, परिवार से पूछताछ तो जाने नहीं देते; प्रतिमा विसर्जन के बाद हुआ था लापता
जिले के आरोन इलाके से लापता हुए नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वह 25 दिन से लापता था। घर से प्रतिमा विसर्जन में जाने का कहकर निकला और वापस नहीं लौटा। नाबालिग का घूमने का मन था और घरवालों को बताता तो वे जाने नहीं देते। इसलिए नाबालिग बहाना बनाकर इंदौर घूमने निकल गया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 14 अक्‍टूबर को पिता की ओर से जिले के आरोन थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया था कि 12 अक्‍टूबर को उनका 17 वर्षीय नाबालिग बेटा माता की झांकी विसर्जित कराने गया था। वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा। उन्होंने अपने लड़के को सब जगह तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उन्हीं शिकायत पर पुलिस ने नाबालिग की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। SP संजीव कुमार सिंहा के निर्देशन में SDOP राघौगढ़ दीपा डोडवे के मार्गदर्शन में जिले के आरोन थाना प्रभारी TI रितुराज सिंह कुशवाह और उनकी टीम बच्चे की तलाश में लग गई। इसी क्रम में लापता बच्चे के संबंध में मिली जानकारी पर आरोन थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई कर बच्चे को बरामद कर लिया गया। वह इंदौर में मिला। पूछताछ में उसने बताया कि उसका बहुत दिनों से बाहर घूमने जाने का मन कर रहा था। अगर वह घरवालों को बताता तो घरवाले उसे घूमने नहीं जाने देते। इसलिए वह घरवालों को बिना बताए ही इंदौर चला गया था। वह लगभग 20 दिन तक इंदौर में रहा और वहां अलग-अलग जगह घूमता रहा।