बर्फीली हवाओं के कारण मौसम में बदलाव:24 घंटे में तीन डिग्री पारा लुढ़का, रात का तापमान 10 डिग्री पहुंचा

उत्तर की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण नवंबर माह के अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव हुआ व न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखी गई है। रात का तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, शाम को 7 बजे के बाद से ही ठंडी हवाएं चलने लगती है। देर रात के समय हवा की गति अधिक होती है। पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 234 किलोमीटर प्रति घंटे की रफतार से बह रही हैं। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार के अनुसार, अभी जेट स्ट्रीम हवा की ऊंचाई 12-6 किमी हैं, जब यह नीचे होगी तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाडी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। अगले तीन दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड रहेगी। पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से बाद वहां से आई बर्फीली हवा से ठंड बढ़ी है। हालांकि रात के तापमान में मामूली इजाफा देखने को मिल सकता है। 10 साल से मौसम का ऐसा ही ट्रेंड दरअसल, दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के समाप्त होने के बाद मौसम सामान्य होने लगता हैं, लेकिन आसमान बादलों से घिरा रहता है। सुबह व रात ठंडी होने से दिन के तापमान पर भी असर देखने को मिल रहा है। नवंबर माह में मौसम के दो रंग देखने को मिला है। जिसमें सुबह व रात ठंडी होने लगी है। इसके साथ दोपहर में अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे कम होने लगा है। पिछले 10 सालों से इसी प्रकार के मौसम का ट्रेंड रहा है। इधर, रात में ठंडक होने के साथ ही दिन में अलग प्रकार का मौसम बना हुआ है, दिन में अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना है। धार सहित ग्रामीण अंचल में ठंड का असर बढ़ गया है। शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि के समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में ही तीन डिग्री पारा लुढ़क गया है। दिनांक अधिकतम न्यूनतम 29 नवंबर 27 डिग्री 10-6 डिग्री 28 नवंबर 26-7 डिग्री 13-3 डिग्री 27 नवंबर 28-1 डिग्री 13-4 डिग्री

बर्फीली हवाओं के कारण मौसम में बदलाव:24 घंटे में तीन डिग्री पारा लुढ़का, रात का तापमान 10 डिग्री पहुंचा
उत्तर की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण नवंबर माह के अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव हुआ व न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखी गई है। रात का तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, शाम को 7 बजे के बाद से ही ठंडी हवाएं चलने लगती है। देर रात के समय हवा की गति अधिक होती है। पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 234 किलोमीटर प्रति घंटे की रफतार से बह रही हैं। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार के अनुसार, अभी जेट स्ट्रीम हवा की ऊंचाई 12-6 किमी हैं, जब यह नीचे होगी तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाडी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। अगले तीन दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड रहेगी। पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से बाद वहां से आई बर्फीली हवा से ठंड बढ़ी है। हालांकि रात के तापमान में मामूली इजाफा देखने को मिल सकता है। 10 साल से मौसम का ऐसा ही ट्रेंड दरअसल, दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के समाप्त होने के बाद मौसम सामान्य होने लगता हैं, लेकिन आसमान बादलों से घिरा रहता है। सुबह व रात ठंडी होने से दिन के तापमान पर भी असर देखने को मिल रहा है। नवंबर माह में मौसम के दो रंग देखने को मिला है। जिसमें सुबह व रात ठंडी होने लगी है। इसके साथ दोपहर में अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे कम होने लगा है। पिछले 10 सालों से इसी प्रकार के मौसम का ट्रेंड रहा है। इधर, रात में ठंडक होने के साथ ही दिन में अलग प्रकार का मौसम बना हुआ है, दिन में अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना है। धार सहित ग्रामीण अंचल में ठंड का असर बढ़ गया है। शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि के समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में ही तीन डिग्री पारा लुढ़क गया है। दिनांक अधिकतम न्यूनतम 29 नवंबर 27 डिग्री 10-6 डिग्री 28 नवंबर 26-7 डिग्री 13-3 डिग्री 27 नवंबर 28-1 डिग्री 13-4 डिग्री