स्कूल बस हादसे के बाद कलेक्टर सख्त:बस संचालकों को हर महीने रिपोर्ट देने के निर्देश, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

बुरहानपुर के नेपानगर में बुधवार को हुए स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। हादसे में 20 विद्यार्थी घायल हुए थे। इसके बाद कलेक्टर हर्ष सिंह ने गुरुवार शाम जिले के सभी निजी स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई। कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बसों के संचालन और प्रबंधन की मासिक रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए। साथ ही गति नियंत्रक यंत्र भी लगा होना जरूरी है। सुरक्षा मानकों के तहत हर बस में अग्निशमन यंत्र, दो दरवाजे और स्कूल का नाम व फोन नंबर अंकित होना अनिवार्य है। छात्राओं वाले स्कूलों की बसों में शिक्षित परिचारिका की नियुक्ति जरूरी है। बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एएस कनेश को परिवहन विभाग के साथ मिलकर बसों की आकस्मिक जांच करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल संचालकों को ट्रांसपोर्ट मैनेजर नियुक्त करना होगा, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्कूल बस हादसे के बाद कलेक्टर सख्त:बस संचालकों को हर महीने रिपोर्ट देने के निर्देश, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
बुरहानपुर के नेपानगर में बुधवार को हुए स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। हादसे में 20 विद्यार्थी घायल हुए थे। इसके बाद कलेक्टर हर्ष सिंह ने गुरुवार शाम जिले के सभी निजी स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई। कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बसों के संचालन और प्रबंधन की मासिक रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए। साथ ही गति नियंत्रक यंत्र भी लगा होना जरूरी है। सुरक्षा मानकों के तहत हर बस में अग्निशमन यंत्र, दो दरवाजे और स्कूल का नाम व फोन नंबर अंकित होना अनिवार्य है। छात्राओं वाले स्कूलों की बसों में शिक्षित परिचारिका की नियुक्ति जरूरी है। बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एएस कनेश को परिवहन विभाग के साथ मिलकर बसों की आकस्मिक जांच करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल संचालकों को ट्रांसपोर्ट मैनेजर नियुक्त करना होगा, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।