लोन वसूली एजेंट की हत्या का खुलासा:किस्त देने के बहाने बुलाकर धारदार हथियार से किया हमला, तीनों आरोपी गिरफ्तार
लोन वसूली एजेंट की हत्या का खुलासा:किस्त देने के बहाने बुलाकर धारदार हथियार से किया हमला, तीनों आरोपी गिरफ्तार
बैतूल में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक की पहचान रुपेश सोनपुरे (35) के रूप में हुई है। वह शारदा नगर, मुलताई का रहने वाला था। 9 अप्रैल को उसका शव मिलानपुर टोल के पास हवाई पट्टी के नजदीक नहर किनारे मिला था। शव के गले पर धारदार हथियार के निशान थे। किस्त देने के बहाने बुलाया और कर दी हत्या
जांच में पता चला कि रुपेश आरुलढाना क्षेत्र में लोन की किस्त वसूलने गया था। वहां उसे अजय और शिवा से भी किस्त लेनी थी। आरोपियों को पता था कि रुपेश के पास वसूली की बड़ी रकम रहती है। अरुल गांव के अजय, शिवा और रामराव ने किस्त देने के बहाने उसे सुनसान जगह पर बुलाया और धारदार हथियार से हत्या कर दी। बैग, मोबाइल और बाइक लूटी
आरोपियों ने मृतक का बैग, मोबाइल और मोटरसाइकिल लूट लिया। पकड़े जाने के डर से मोबाइल तोड़कर झीटापाटी गांव में फेंक दिया। मोटरसाइकिल को बायगांव-मासोद के बीच और बैग को अजय के खेत के पास नाले में छिपा दिया। वहीं हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बायगांव-मासोद के पास एक कुएं में फेंक दिया। आरोपियों ने अपने कपड़े और जूते भी छिपा दिए थे। कंपनी के मैनेजर को लोकेशन अपडेट न करने पर हुआ शक
उप निरीक्षक उत्तम नंदन मस्तकार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह मामला सुलझाया। मृतक की पहचान तब हुई जब सूर्योदय कंपनी के मैनेजर ने बताया कि उनके कर्मचारी की आखिरी लोकेशन हवाई पट्टी के पास मिली थी और वह अपडेट नहीं कर रहा था।
बैतूल में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक की पहचान रुपेश सोनपुरे (35) के रूप में हुई है। वह शारदा नगर, मुलताई का रहने वाला था। 9 अप्रैल को उसका शव मिलानपुर टोल के पास हवाई पट्टी के नजदीक नहर किनारे मिला था। शव के गले पर धारदार हथियार के निशान थे। किस्त देने के बहाने बुलाया और कर दी हत्या
जांच में पता चला कि रुपेश आरुलढाना क्षेत्र में लोन की किस्त वसूलने गया था। वहां उसे अजय और शिवा से भी किस्त लेनी थी। आरोपियों को पता था कि रुपेश के पास वसूली की बड़ी रकम रहती है। अरुल गांव के अजय, शिवा और रामराव ने किस्त देने के बहाने उसे सुनसान जगह पर बुलाया और धारदार हथियार से हत्या कर दी। बैग, मोबाइल और बाइक लूटी
आरोपियों ने मृतक का बैग, मोबाइल और मोटरसाइकिल लूट लिया। पकड़े जाने के डर से मोबाइल तोड़कर झीटापाटी गांव में फेंक दिया। मोटरसाइकिल को बायगांव-मासोद के बीच और बैग को अजय के खेत के पास नाले में छिपा दिया। वहीं हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बायगांव-मासोद के पास एक कुएं में फेंक दिया। आरोपियों ने अपने कपड़े और जूते भी छिपा दिए थे। कंपनी के मैनेजर को लोकेशन अपडेट न करने पर हुआ शक
उप निरीक्षक उत्तम नंदन मस्तकार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह मामला सुलझाया। मृतक की पहचान तब हुई जब सूर्योदय कंपनी के मैनेजर ने बताया कि उनके कर्मचारी की आखिरी लोकेशन हवाई पट्टी के पास मिली थी और वह अपडेट नहीं कर रहा था।