खून का थक्का जमने और ब्लीडिंग पर डॉक्टर करेंगे चर्चा:'वैसोकॉन' कॉन्फ्रेंस में देश के प्रमुख गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट और सर्जन होंगे शामिल

भोपाल में इस सप्ताहांत स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। ब्लीडिंग और खून के थक्के जैसी गंभीर समस्याओं के इलाज पर विशेषज्ञ डॉक्टर चर्चा करेंगे। आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि ये समस्याएं कैसे जानलेवा बन सकती हैं और उनका सही इलाज क्या है। दो दिवसीय 'वैसोकॉन 2025' कॉन्फ्रेंस 10-11 मई को कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में होगी। कॉन्फ्रेंस में देशभर से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट और सर्जन शामिल होंगे, जो पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों में ब्लीडिंग (रक्तस्राव) और थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमना) की समस्याओं और उनके इलाज पर चर्चा करेंगे। मरीजों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस जैसी समस्याएं चाहे शरीर के किसी भी हिस्से में हों, इनका इलाज सही समय पर और सही तकनीक से करना बेहद जरूरी होता है। रक्त प्रबंधन और उपचार में पिछले कुछ वर्षों में आई तकनीकी प्रगति को आम जनता तक पहुंचाना इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है। इस कॉन्फ्रेंस से मरीजों को यह फायदा होगा कि डॉक्टर इन नई तकनीकों को सीखकर अपने अस्पतालों में बेहतर इलाज दे सकेंगे। ब्लीडिंग से जुड़े मामलों में अब देरी से बचा जा सकेगा और खून के थक्कों की वजह से होने वाली जटिलताओं को पहले से पहचाना जा सकेगा। क्या-क्या होगा सम्मेलन में यह वार्षिक आयोजन व्याख्यान, पैनल चर्चा, केस स्टडी और वीडियो वर्कशॉप के जरिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को नई जानकारी देंगे। इस बार लाइव सर्जरी की जगह वीडियो वर्कशॉप रखी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को और बेहतर लर्निंग अनुभव मिल सके। इन विषयों पर होगी चर्चा यह होंगे खास मेहमान कॉन्फ्रेंस में देश के प्रमुख डॉक्टर जैसे डॉ. एस.के. सरीन, डॉ. एस.पी. मिश्रा, डॉ. राजेश पुरी, डॉ. जयंत सामंता और डॉ. अमर मुकुंद समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे।

खून का थक्का जमने और ब्लीडिंग पर डॉक्टर करेंगे चर्चा:'वैसोकॉन' कॉन्फ्रेंस में देश के प्रमुख गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट और सर्जन होंगे शामिल
भोपाल में इस सप्ताहांत स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। ब्लीडिंग और खून के थक्के जैसी गंभीर समस्याओं के इलाज पर विशेषज्ञ डॉक्टर चर्चा करेंगे। आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि ये समस्याएं कैसे जानलेवा बन सकती हैं और उनका सही इलाज क्या है। दो दिवसीय 'वैसोकॉन 2025' कॉन्फ्रेंस 10-11 मई को कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में होगी। कॉन्फ्रेंस में देशभर से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट और सर्जन शामिल होंगे, जो पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों में ब्लीडिंग (रक्तस्राव) और थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमना) की समस्याओं और उनके इलाज पर चर्चा करेंगे। मरीजों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस जैसी समस्याएं चाहे शरीर के किसी भी हिस्से में हों, इनका इलाज सही समय पर और सही तकनीक से करना बेहद जरूरी होता है। रक्त प्रबंधन और उपचार में पिछले कुछ वर्षों में आई तकनीकी प्रगति को आम जनता तक पहुंचाना इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है। इस कॉन्फ्रेंस से मरीजों को यह फायदा होगा कि डॉक्टर इन नई तकनीकों को सीखकर अपने अस्पतालों में बेहतर इलाज दे सकेंगे। ब्लीडिंग से जुड़े मामलों में अब देरी से बचा जा सकेगा और खून के थक्कों की वजह से होने वाली जटिलताओं को पहले से पहचाना जा सकेगा। क्या-क्या होगा सम्मेलन में यह वार्षिक आयोजन व्याख्यान, पैनल चर्चा, केस स्टडी और वीडियो वर्कशॉप के जरिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को नई जानकारी देंगे। इस बार लाइव सर्जरी की जगह वीडियो वर्कशॉप रखी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को और बेहतर लर्निंग अनुभव मिल सके। इन विषयों पर होगी चर्चा यह होंगे खास मेहमान कॉन्फ्रेंस में देश के प्रमुख डॉक्टर जैसे डॉ. एस.के. सरीन, डॉ. एस.पी. मिश्रा, डॉ. राजेश पुरी, डॉ. जयंत सामंता और डॉ. अमर मुकुंद समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे।