महादेव सट्टा: फंड मैनेजर किशन वर्मा और डिस्ट्रीब्यूटर आरक्षक गिरफ्तार, 43 लाख सीज

छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 11 जुलाई।आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने महादेव ऑनलाईन बुक सट्टा मामले में आज किशन लाल वर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह चंद्रभूषण वर्मा, मो. जासिफ, राहुल वक्टे आदि के साथ मिलकर महादेव ऑनलाईन बुक सट्टा के प्रमोटर्स रवि उप्पल एवं अन्य माध्यमों से आये हवाला के माध्यम से आये 58 करोड़ रूपये से अधिक की रकम फर्मों/ कंपनियों जैसे एम. के. इंटरप्राईजेस, आदित्य ट्रेडिंग कंपनी, सृजन एसोसिएट, सृजन इंटरप्राईजेस प्रा.लि., सृजन ट्रेडिंग कंपनी आदि के माध्यम से फर्जी/बोगस बिल, बांक एन्ट्री दिलाकर वैध स्वरूप प्रदान करने में सहयोग किया गया है। आरोपी किशन लाल वर्मा एम. के. इंटरप्राईजेस का प्रोप्राईटर भी है। उसने फर्मों / कंपनियों के जरिये चंद्रभूषण वर्मा एवं अन्य के साथ मिलकर हवाला रकम को विभिन्न फर्मों / कंपनियों, जमीन खरीदने में निवेश एवं अन्य व्यक्तियों को वितरण में भी शामिल है। इसके बैंक खाते से 43 लाख से अधिक की रकम को फ्रीज कराया गया है। ईओडब्लू ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया । आपको बता दे कि इसी मामले में पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियो की न्यायिक रिमांड 19 जुलाई को खत्म हो रही है तब आरोपी किशन को सभी आरोपियो के साथ कोर्ट में पेश किया जायेगा।। तब किशन को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर ले सकती है। इससे पहले लम्बे समय से फरार बहुचर्चित आरक्षक सहदेव यादव को ईओडब्लू ने गिरफ्तार किया है। बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत उसे राजंनादंगाव के सोमनी में ढाबे से गिरफ्तार कर लिया गया है।

महादेव सट्टा: फंड मैनेजर किशन वर्मा और डिस्ट्रीब्यूटर आरक्षक गिरफ्तार, 43 लाख सीज
छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 11 जुलाई।आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने महादेव ऑनलाईन बुक सट्टा मामले में आज किशन लाल वर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह चंद्रभूषण वर्मा, मो. जासिफ, राहुल वक्टे आदि के साथ मिलकर महादेव ऑनलाईन बुक सट्टा के प्रमोटर्स रवि उप्पल एवं अन्य माध्यमों से आये हवाला के माध्यम से आये 58 करोड़ रूपये से अधिक की रकम फर्मों/ कंपनियों जैसे एम. के. इंटरप्राईजेस, आदित्य ट्रेडिंग कंपनी, सृजन एसोसिएट, सृजन इंटरप्राईजेस प्रा.लि., सृजन ट्रेडिंग कंपनी आदि के माध्यम से फर्जी/बोगस बिल, बांक एन्ट्री दिलाकर वैध स्वरूप प्रदान करने में सहयोग किया गया है। आरोपी किशन लाल वर्मा एम. के. इंटरप्राईजेस का प्रोप्राईटर भी है। उसने फर्मों / कंपनियों के जरिये चंद्रभूषण वर्मा एवं अन्य के साथ मिलकर हवाला रकम को विभिन्न फर्मों / कंपनियों, जमीन खरीदने में निवेश एवं अन्य व्यक्तियों को वितरण में भी शामिल है। इसके बैंक खाते से 43 लाख से अधिक की रकम को फ्रीज कराया गया है। ईओडब्लू ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया । आपको बता दे कि इसी मामले में पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियो की न्यायिक रिमांड 19 जुलाई को खत्म हो रही है तब आरोपी किशन को सभी आरोपियो के साथ कोर्ट में पेश किया जायेगा।। तब किशन को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर ले सकती है। इससे पहले लम्बे समय से फरार बहुचर्चित आरक्षक सहदेव यादव को ईओडब्लू ने गिरफ्तार किया है। बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत उसे राजंनादंगाव के सोमनी में ढाबे से गिरफ्तार कर लिया गया है।