मोटराइज्ड ट्रायसायकल से बदली समज राम साहू की जिंदगी

मोटराइज्ड ट्रायसायकल से बदली समज राम साहू की जिंदगी

मोटराइज्ड ट्रायसायकल से बदली समज राम साहू की जिंदगी

बैटरी चलित सुविधा ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया मजबूत कदम

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाएं प्रदेशभर में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। समाज कल्याण विभाग की पहल से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन अधिक सुगम और सम्मानजनक बन सके।

कबीरधाम जिले के विकासखंड बोडला अंतर्गत ग्राम चिमांगोदी निवासी श्री समज राम साहू, जो लंबे समय से दिव्यांगता के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई है। इससे पहले उन्हें गांव से शहर जाने, अस्पताल पहुंचने और दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस कारण न केवल समय और ऊर्जा की हानि होती थी, बल्कि आत्मविश्वास पर भी प्रभाव पड़ता था।

समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की गई मोटराइज्ड ट्रायसायकल ने उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है। अब वे बाजार, अस्पताल और शासकीय कार्यालयों तक स्वयं पहुंच पा रहे हैं। इससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान दोनों का संबल बढ़ा है। वे सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता कर पा रहे हैं।
श्री समज राम साहू ने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ट्रायसायकल उनके लिए स्वतंत्रता का माध्यम बनी है और जीवन को नई दिशा देने वाली साबित हुई है।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में पात्र दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासन का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना है।