होटल का कमरा बुक कराना पड़ा महंगा, QR Code-OTP के जरिए महिला डॉक्टर से ठगे 96 हजार

होटल का कमरा बुक कराना पड़ा महंगा, QR Code-OTP के जरिए महिला डॉक्टर से ठगे 96 हजार

होटल का कमरा बुक कराना पड़ा महंगा, QR Code-OTP के जरिए महिला डॉक्टर से ठगे 96 हजार

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। होटल की आनलाइन बुकिंग और मेंबरशिप कार्ड दिलाने का झांसा देकर साइबर ठग ने महिला डॉक्टर के क्रेडिट कार्ड से 96,689 रुपये निकाल लिए।

आरोपित ने खुद को मैरियट होटल का कर्मचारी बताया और सस्ते में कमरा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भुगतान, मेंबरशिप और रिफंड की प्रक्रिया के नाम पर महिला से ओटीपी हासिल कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन करा लिए। बैंक का संदेश मिलने के बाद महिला को ठगी की जानकारी हुई। शिकायत पर विधानसभा पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

होटल का नंबर तलाशने के बाद आया अनजान व्यक्ति का फोन
पुलिस के अनुसार, VIP सिटी सड्डू निवासी सोनल अग्रवाल डॉक्टर हैं। उन्हें 28 और 29 अगस्त के लिए मैरियट होटल में कमरा बुक कराना था। इसके लिए उन्होंने 27 अगस्त को गूगल पर होटल का नंबर तलाशकर संपर्क किया। कॉल रिसीव नहीं होने के कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया।

फोन करने वाले ने अपना नाम निशांत अग्रवाल बताया और स्वयं को मैरियट होटल का कर्मचारी बताया। उसने महिला को बताया कि होटल की मेंबरशिप लेने पर कम दर में कमरा बुक कराया जा सकता है।

मेंबरशिप के नाम पर QR Code भेजा
आरोपित ने बुकिंग के लिए 4,400 रुपये का QR Code भेजा। महिला ने भुगतान करने में परेशानी बताई तो उसने एक UPI ID भेजकर उस पर रकम जमा करने को कहा। भुगतान के बाद आरोपित ने रिफंड के नाम पर OTP मांगना शुरू कर दिया।

महिला ने OTP देने से पहले सवाल किया कि रिफंड के लिए OTP की आवश्यकता क्यों है। इस पर आरोपित ने उन्हें भरोसा दिलाया कि OTP केवल मेंबरशिप कार्ड की प्रक्रिया के लिए जरूरी है। उसने यह भी कहा कि 4,400 रुपये उनके कार्ड में जमा हो चुके हैं। इसके बाद उसने दो और OTP मांगे।

नेटवर्क की वजह से नहीं आया बैंक का संदेश
उस समय मोबाइल नेटवर्क कम होने के कारण महिला के फोन पर बैंक के ट्रांजेक्शन संबंधी संदेश नहीं आए। कुछ देर बाद बैंक का संदेश मिलने पर उन्हें क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम कटने की जानकारी हुई।

जांच करने पर पता चला कि तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 96,689 रुपये निकाले गए हैं। पहले ट्रांजेक्शन में 4,400 रुपये, दूसरे में 90,489 रुपये और तीसरे ट्रांजेक्शन में 1,800 रुपये काटे गए।

ठगी का पता चलने के बाद सोनल अग्रवाल ने आरोपित निशांत अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने काल रिसीव करना बंद कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विधानसभा पुलिस ने मामले में मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।