इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक, कह दी बड़ी बात

इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक, कह दी बड़ी बात

इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक, कह दी बड़ी बात

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। सोनम वांगचुक ने प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए पहले जंतर-मंतर और फिर सफदरजंग और मेदांता अस्पताल में अनशन किया था। इसके बाद सरकार के दो मंत्रियों के आग्रह पर उन्होंने अपना अनशन तोड़ा था।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक ने कहा, ''यह लोकतंत्र की जीत है। डायरेक्ट डेमोक्रेसी... सीधे सड़कों से। यह शांति, सब्र और लगन की जीत है। सीजेपी, देश के जेनजी को बधाई और डर और डर के डर को दूर करने और देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए आप सभी नागरिकों का धन्यवाद। जवाबदेही से, अब सुधारों की ओर।''

वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि छात्रों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। सीजेपी के नेताओं ने शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों की तीन मुख्य मांगों पर जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों को संबोधित करने वालों में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे।

सीजेपी के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच कल हुई बातचीत में प्रतिनिधिमंडल की ओर से तीन मांगे रखी गयी थी। इनमें प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि तथा आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ दर्ज की गयी सभी प्राथमिकियां वापस लेने की मांग शामिल है। आखिरी दो मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गयी थी, लेकिन प्रधान के इस्तीफे के बारे में निर्णय के लिए दोपहर तक बताने को कहा गया था। सरकार की ओर से बातचीत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे।