राजनांदगांव में बड़े लेवल पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे

राजनांदगांव में बड़े लेवल पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे

राजनांदगांव में बड़े लेवल पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे

राजनांदगांव: शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा त्रिनेत्र योजना के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सोमवार को कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे व पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने शहर के विभिन्न स्थानों पर चल रहे कैमरा इंस्टालेशन कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि शहर की सुरक्षा में तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है। त्रिनेत्र योजना से पुलिस को असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने में बड़ी मदद मिलेगी। वहीं पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया कि शहर को सीसीटीवी कवरेज से जोड़ने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर साबित होगी। यह अपराधियों के मन में डर पैदा करेगी और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में एक जुलाई 2025 तक कुल 385 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कैमरों को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार, सार्वजनिक स्थलों व संवेदनशील इलाकों में स्थापित किया जा रहा है। यह कैमरे सर्वर से जोड़े जाकर रीयल टाइम निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

योजना के तहत शहर में 70 हजार मीटर से अधिक आर्मर्ड ऑप्टिकल फाइबर केबल और पोल लगाए जा चुके हैं। प्रथम चरण में कैमरा माउंटिंग और सेफ्टी बाक्स लगाने का कार्य तेज गति से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि कैमरों की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम और मानिटरिंग यूनिट्स में उपलब्ध रहेगी, जिससे घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।

उल्लेखनीय है कि त्रिनेत्र योजना को देश की पहली ऐसी योजना माना जा रहा है जिसमें जनसहयोग से सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। शहर के जनप्रतिनिधियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संघों और गणमान्य नागरिकों के सहयोग से इस योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। अब तक नागरिकों द्वारा लगभग 1.25 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। चोरी, स्नैचिंग, छेड़छाड़, तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह तकनीकी समाधान बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।