छत्तीसगढ़ के बेटे ने भारत को बनाया वर्ल्ड चैंपियन, अंडर 19 टीम का किया प्रतिनिधित्व कर दिलाई जीत

छत्तीसगढ़ के बेटे ने भारत को बनाया वर्ल्ड चैंपियन, अंडर 19 टीम का किया प्रतिनिधित्व कर दिलाई जीत

छत्तीसगढ़ के बेटे ने भारत को बनाया वर्ल्ड चैंपियन, अंडर 19 टीम का किया प्रतिनिधित्व कर दिलाई जीत

बलौदाबाजार. भारत ने आज दक्षिण एशिया कबड्डी चैम्पियनशिप 2025 के अंडर19 में जीत हासिल कर ली है. हाल ही में भारतीय कबड्डी टीम ने नेपाल में ही नेपाल की टीम को 7 अंकों से शिकस्त देकर भारत को वर्ल्ड चैम्पियन बनाया है. यह पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि भारतीय टीम को लीड करने वाला होनहार कैप्टन सोमेश साहू छत्तीसगढ़ से है, जिसने विश्व स्तर पर भारत का परचम लहराने में अहम भूमिका निभाई है. सोमेश ने घर लौटने के बाद टीम से अपने इस कामियाबी को लेकर बातचीत की है. 

बता दें, सोमेश साहू छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के ग्राम मरदा का रहने वाला है. वह एक साधारण से किसान परिवार का लड़का है और स्वामी आत्मानंद विघालय लवन में कक्षा 11 वीं का छात्र है. सोमेश ने लल्लूराम डॉट कॉम से कबड्डी के सफर को लेकर बताया कि वह बचपन से कबड्डी खेलता था. इसके बाद जब छत्तीसगढ़ ओलंपिक खेल में कबड्डी को भी शामिल किया, तब उसे राज्य के लिए खेलने का मौका मिला. राज्य स्तर में बेहतर प्रदर्शन के बाद उसका सलेक्शन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ, जहां उसे देश की टीम का प्रतिनिधित्व करने मिला.

सोमेश साहू ने नेपाल में आयोजित दक्षिण एशिया कबड्डी चैम्पियनशिप 2025 में हिस्सा लिया, जिसमें उसकी टीम ने फायनल में जीत हासिल कर चैम्पियनशिप अपने नाम कर लिया है.

सोमेस ने बताया कि कबड्डी को लेकर अब तक उसके सफर में उसे कोई शासकीय सहायता नहीं मिली. परिवार और जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन साहू ने आर्थिक मदद देकर उसे आगे भेजा. उसने कहा कि जिले में यदि कबड्डी एकेडमी खुल जाता है तो निश्चित ही यहां के खिलाड़ी विश्व में नाम रोशन कर सकते हैं.

आपको बता दे कि बलौदा बाजार शुरू से ही कबड्डी खेल में अग्रणी भूमिका निभाया है और राष्ट्रीय स्तर पर यहां के खिलाडियों ने प्रतिनिधित्व किया है. और प्रतिवर्ष यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का भी आयोजन होता है. पर यहाँ पर अच्छे कोच व एकेडमी की कमी यहा के खिलाडियों को खलती है. 

युवा खिलाड़ी सोमेश साहू की मां ने बताया कि घर में इसके पिताजी डांटते थे पर में इसकी लगन को देखती थी, इसलिए खेलने भेज देती थी. आज बहुत अच्छा लग रहा है कि बेटा विश्व चैम्पियनशिप का खिताब लेकर लौटा है. अब पूरा परिवार खुश है.