लगातार बारिश बाद मजदूरों का संकट:12 रुपए किलो हुई कपास चुनाई, किसान बोले- घाटे की हुई खेती, CCI करें खरीदी

लगातार बारिश के बाद कपास पककर तैयार है। एक साथ डेंडू खिलने से चुनाई में किसान परेशान है। रबी की तैयारी के बीच मजदूरों का संकट खड़ा हो गया है। दूसरी और तीसरी चुनाई में 10 रुपए किलो मजदूरी पर भी मजदूर पर्याप्त उपलब्ध नहीं है। किसान प्रतिनिधि श्यामसिंह पवार लालखेड़ा और दिनेश यादव बोरावा का कहना है कि लगातार बारिश के बाद अब मजदूरों का संकट पैदा हो गया है। कपास की खेती से घाटा हो रहा है। सीसीआई की खरीदी शुरू होना चाहिए। अब बेहतर क्वालिटी का कपास बाजार में आ रहा है। खरगोन जिले में इस साल 2 लाख 20 हजार हेक्टेयर में कपास लगाया था। लगातार बारिश के चलते कपास की फसल में डेंडू पक गए। एक साथ तड़कने से कपास चुनाई में मुश्किल आ रही है। रबी का सीजन भी आ जाने के कारण मजदूर नहीं मिल रहे हैं। औसत 6800 रुपए क्विंटल के आसपास कपास बिक रहा है। इसमें 1200 रुपए मजदूरों को ही चुकाना पड़ रहा है। किसानों ने सीसीआई की खरीदी करने की मांग की है। सीसीआई की खरीदी में देरी खरगोन मंडी में सीसीआई की खरीदी में देरी हो रही है। किसानों के आरोप है शासन व सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। बारिश बाद कपास में नमी घटने पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों का पंजीयन शुरू कर दिया है। किसानों से कपास फसल क्षेत्र का वेरिफाई पटवारी का रकबा, समग्र आईडी व आधार कार्ड के साथ पंजीयन शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि तय पैरामीटर पर कपास खरीदा जाएगा लेकिन अभी खरीदी चालू नहीं की है।

लगातार बारिश बाद मजदूरों का संकट:12 रुपए किलो हुई कपास चुनाई, किसान बोले- घाटे की हुई खेती, CCI करें खरीदी
लगातार बारिश के बाद कपास पककर तैयार है। एक साथ डेंडू खिलने से चुनाई में किसान परेशान है। रबी की तैयारी के बीच मजदूरों का संकट खड़ा हो गया है। दूसरी और तीसरी चुनाई में 10 रुपए किलो मजदूरी पर भी मजदूर पर्याप्त उपलब्ध नहीं है। किसान प्रतिनिधि श्यामसिंह पवार लालखेड़ा और दिनेश यादव बोरावा का कहना है कि लगातार बारिश के बाद अब मजदूरों का संकट पैदा हो गया है। कपास की खेती से घाटा हो रहा है। सीसीआई की खरीदी शुरू होना चाहिए। अब बेहतर क्वालिटी का कपास बाजार में आ रहा है। खरगोन जिले में इस साल 2 लाख 20 हजार हेक्टेयर में कपास लगाया था। लगातार बारिश के चलते कपास की फसल में डेंडू पक गए। एक साथ तड़कने से कपास चुनाई में मुश्किल आ रही है। रबी का सीजन भी आ जाने के कारण मजदूर नहीं मिल रहे हैं। औसत 6800 रुपए क्विंटल के आसपास कपास बिक रहा है। इसमें 1200 रुपए मजदूरों को ही चुकाना पड़ रहा है। किसानों ने सीसीआई की खरीदी करने की मांग की है। सीसीआई की खरीदी में देरी खरगोन मंडी में सीसीआई की खरीदी में देरी हो रही है। किसानों के आरोप है शासन व सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। बारिश बाद कपास में नमी घटने पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों का पंजीयन शुरू कर दिया है। किसानों से कपास फसल क्षेत्र का वेरिफाई पटवारी का रकबा, समग्र आईडी व आधार कार्ड के साथ पंजीयन शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि तय पैरामीटर पर कपास खरीदा जाएगा लेकिन अभी खरीदी चालू नहीं की है।