पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय-1में प्रारंभ 10 दिवसीय कार्यशाला:राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम

पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 भोपाल के प्राचार्य गौरव द्विवेदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) पर विस्तृत चर्चा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की ओर इशारा किया। उन्होंने नीति के विभिन्न पहलुओं को साझा करते हुए यह बताया कि यह नीति भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र रूप से सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बता दें कि विद्यालय में एनईपी पर 10 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । 1. प्राथमिक शिक्षा में सुधार- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत, 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए "फाउंडेशनल स्टेज" की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत, बच्चों की मूलभूत शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, पुरानी 10+2 प्रणाली को बदलकर 5+3+3+4 संरचना लागू की जाएगी। 2. मातृभाषा पर जोर- नीति में शिक्षा का माध्यम मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा को बनाने पर जोर दिया गया है। कक्षा 5 तक और जहां संभव हो कक्षा 8 तक मातृभाषा में शिक्षा देने की योजना है। 3. समग्र और बहु-विषयक शिक्षा- विज्ञान, कला और वाणिज्य के बीच की सीमाएं समाप्त की जाएंगी और विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में विषयों का लचीलापन बढ़ाया जाएगा। इससे छात्रों को अपने रुचियों और क्षमताओं के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलेगा। 4. तकनीकी और डिजिटल शिक्षा- NEP 2020 के तहत, डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 'नेशनल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी फोरम (NETF)' की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा और वर्चुअल लैब का विकास किया जाएगा। 5. बोर्ड परीक्षा में सुधार- बोर्ड परीक्षाएं अब रट्टा आधारित नहीं, बल्कि ज्ञान आधारित होंगी। छात्रों को विषय चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 6. उच्च शिक्षा में परिवर्तन- सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बहु-विषयक शिक्षा को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, "राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI)" की स्थापना से उच्च शिक्षा के गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाएगा।

पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय-1में प्रारंभ 10 दिवसीय कार्यशाला:राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 भोपाल के प्राचार्य गौरव द्विवेदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) पर विस्तृत चर्चा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की ओर इशारा किया। उन्होंने नीति के विभिन्न पहलुओं को साझा करते हुए यह बताया कि यह नीति भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र रूप से सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बता दें कि विद्यालय में एनईपी पर 10 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । 1. प्राथमिक शिक्षा में सुधार- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत, 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए "फाउंडेशनल स्टेज" की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत, बच्चों की मूलभूत शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, पुरानी 10+2 प्रणाली को बदलकर 5+3+3+4 संरचना लागू की जाएगी। 2. मातृभाषा पर जोर- नीति में शिक्षा का माध्यम मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा को बनाने पर जोर दिया गया है। कक्षा 5 तक और जहां संभव हो कक्षा 8 तक मातृभाषा में शिक्षा देने की योजना है। 3. समग्र और बहु-विषयक शिक्षा- विज्ञान, कला और वाणिज्य के बीच की सीमाएं समाप्त की जाएंगी और विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में विषयों का लचीलापन बढ़ाया जाएगा। इससे छात्रों को अपने रुचियों और क्षमताओं के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलेगा। 4. तकनीकी और डिजिटल शिक्षा- NEP 2020 के तहत, डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 'नेशनल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी फोरम (NETF)' की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा और वर्चुअल लैब का विकास किया जाएगा। 5. बोर्ड परीक्षा में सुधार- बोर्ड परीक्षाएं अब रट्टा आधारित नहीं, बल्कि ज्ञान आधारित होंगी। छात्रों को विषय चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 6. उच्च शिक्षा में परिवर्तन- सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बहु-विषयक शिक्षा को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, "राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI)" की स्थापना से उच्च शिक्षा के गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाएगा।