खरीदी केंद्रों में धान की बोरियों का पहाड़, नमी बताकर धान नहीं लिया जा रहा

लोडिंग-अनलोडिंग, मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच धान बेचने की जद्दोजहद छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 21 दिसंबर। जिला मुख्यालय के समीप तथा दूरस्थ अनेक सोसायटियों में धान रखने के लिए जगह नहीं होने की वजह से कल खरीदी नहीं हो सकी। आज शनिवार, कल रविवार अवकाश की वजह से खरीदी नहीं हो पाएगी। यदि सोमवार तक धान का पर्याप्त उठाव नहीं हुआ तो धान रखने के लिए जगह खाली करने में काफी दिक्कतें आएगी। खबर मिली है कि कोमाखान व कछारडीह धान खरीदी केन्द्र में भी दो दिनों से धान खरीद बंद है। बताया गया है कि यहां धान जाम है। शनिवार व रविवार को धान का उठाव होता है तो सोमवार को खरीदी होने की संभावना है। बहरहाल उक्त स्थिति में अंचल के ऐसे ही अन्य धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। किसान सेतराम पटेल, अमर सिंह पटेल, हीरासिंग निषाद, टीकम नियाल, सोप सिंग, राजू निषाद, गणेश मांझी, मोती सिन्हा, चंदरसिंह, दिनेश, टेक प्रसाद, गंजानंद साहू, नोहर सिंह, छबीलाल, दुलार,हेमसागर, टीकेलाल साहू, हीरा नियाल इत्यादि ने शासन-प्रशासन से शीघ्र ही उठाव करने की मांग की है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोमाखान और मुनगासेर के अंतर्गत आने वाले खरीदी केन्द्रों के प्रभारियों से जानकारी लेने पर उन्होंने ने बताया कि धान उठाव व परिवहन नहीं होने से स्टेक धान की बोरियों से पहाड़ जैसे दिख रही है। खरीदी करने जगह ही नहीं है। वर्तमान में 12167.96 टन धान उपार्जन केंद्र से मिलर को जारी हुआ है। आज की स्थिति में कुल 48 मिलों ने धान का उठाव किया है। जबकि 30708.87 टन संग्रहण केंद्र को प्रदाय किया गया है। आज की स्थिति में 446731.73 टन धान उठाव के लिए शेष है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोमाखान अतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति परसुली केन्द्र में धान का उठाव नहीं होने से स्टेक पर धान जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। उल्लेखनीय यह है कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुए एक माह से अधिक हो गया है। लेकिन धान का उठाव नहीं हो रहा है। इससे धान खरीदी करने तथा बोरियों की छल्ली लगाने व जगह की कमी के चलते शुक्रवार को धान खरीदी बंद रही। इस दिन पारी वाले गांव सेनभांठा, बनियातोरा, अमनपुरी के किसानों ने धान विक्रय करने शुक्रवार को खरीदी केन्द्र में धान लेकर पहुंचे। लेकिन खरीदी नहीं होने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं किसानों का कहना है कि एक सप्ताह से 5 दिन की खरीदी हो पाती है। वहीं अवकाश के कारण सप्ताह में 3 से 4 दिन ही खरीदी हो पाती है। एक तरफ किसानों को धान सुखाने में परेशानी हो रही है। दूसरी और मौसम में उतार चढ़ाव चल रहा है। इस कारण किसानों की परेशानी ज्यादा बनी हुई है। वहीं खरीदी केन्द्र में 17 प्रतिशत से अधिक धान की नमी होने से खरीदी केन्द्र से धान समेत कृषकों को लौटाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में किसान करें तो करें क्या, लाने ले जाने में लोडिंग-अनलोडिंग से अधिक भार से किसान ज्यादा परेशान हैं।

खरीदी केंद्रों में धान की बोरियों का पहाड़,  नमी बताकर  धान नहीं लिया जा रहा
लोडिंग-अनलोडिंग, मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच धान बेचने की जद्दोजहद छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 21 दिसंबर। जिला मुख्यालय के समीप तथा दूरस्थ अनेक सोसायटियों में धान रखने के लिए जगह नहीं होने की वजह से कल खरीदी नहीं हो सकी। आज शनिवार, कल रविवार अवकाश की वजह से खरीदी नहीं हो पाएगी। यदि सोमवार तक धान का पर्याप्त उठाव नहीं हुआ तो धान रखने के लिए जगह खाली करने में काफी दिक्कतें आएगी। खबर मिली है कि कोमाखान व कछारडीह धान खरीदी केन्द्र में भी दो दिनों से धान खरीद बंद है। बताया गया है कि यहां धान जाम है। शनिवार व रविवार को धान का उठाव होता है तो सोमवार को खरीदी होने की संभावना है। बहरहाल उक्त स्थिति में अंचल के ऐसे ही अन्य धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। किसान सेतराम पटेल, अमर सिंह पटेल, हीरासिंग निषाद, टीकम नियाल, सोप सिंग, राजू निषाद, गणेश मांझी, मोती सिन्हा, चंदरसिंह, दिनेश, टेक प्रसाद, गंजानंद साहू, नोहर सिंह, छबीलाल, दुलार,हेमसागर, टीकेलाल साहू, हीरा नियाल इत्यादि ने शासन-प्रशासन से शीघ्र ही उठाव करने की मांग की है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोमाखान और मुनगासेर के अंतर्गत आने वाले खरीदी केन्द्रों के प्रभारियों से जानकारी लेने पर उन्होंने ने बताया कि धान उठाव व परिवहन नहीं होने से स्टेक धान की बोरियों से पहाड़ जैसे दिख रही है। खरीदी करने जगह ही नहीं है। वर्तमान में 12167.96 टन धान उपार्जन केंद्र से मिलर को जारी हुआ है। आज की स्थिति में कुल 48 मिलों ने धान का उठाव किया है। जबकि 30708.87 टन संग्रहण केंद्र को प्रदाय किया गया है। आज की स्थिति में 446731.73 टन धान उठाव के लिए शेष है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोमाखान अतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति परसुली केन्द्र में धान का उठाव नहीं होने से स्टेक पर धान जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। उल्लेखनीय यह है कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुए एक माह से अधिक हो गया है। लेकिन धान का उठाव नहीं हो रहा है। इससे धान खरीदी करने तथा बोरियों की छल्ली लगाने व जगह की कमी के चलते शुक्रवार को धान खरीदी बंद रही। इस दिन पारी वाले गांव सेनभांठा, बनियातोरा, अमनपुरी के किसानों ने धान विक्रय करने शुक्रवार को खरीदी केन्द्र में धान लेकर पहुंचे। लेकिन खरीदी नहीं होने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं किसानों का कहना है कि एक सप्ताह से 5 दिन की खरीदी हो पाती है। वहीं अवकाश के कारण सप्ताह में 3 से 4 दिन ही खरीदी हो पाती है। एक तरफ किसानों को धान सुखाने में परेशानी हो रही है। दूसरी और मौसम में उतार चढ़ाव चल रहा है। इस कारण किसानों की परेशानी ज्यादा बनी हुई है। वहीं खरीदी केन्द्र में 17 प्रतिशत से अधिक धान की नमी होने से खरीदी केन्द्र से धान समेत कृषकों को लौटाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में किसान करें तो करें क्या, लाने ले जाने में लोडिंग-अनलोडिंग से अधिक भार से किसान ज्यादा परेशान हैं।