MP में कर्मचारी संगठनों का बड़ा फैसला:16 फरवरी को निगम-मंडल कर्मचारियों का 3 घंटे का धरना, संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को समर्थन
MP में कर्मचारी संगठनों का बड़ा फैसला:16 फरवरी को निगम-मंडल कर्मचारियों का 3 घंटे का धरना, संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को समर्थन
मध्य प्रदेश में कर्मचारी संगठनों के आंदोलन को समर्थन मिला है। मध्य प्रदेश निगम मंडल, अधिकारी-कर्मचारी समन्वय महासंघ ने संयुक्त मोर्चे के आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। 16 फरवरी को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक महासंघ के सभी पदाधिकारी और प्रदेश के निगम मंडल के समस्त कर्मचारी-अधिकारी धरने में शामिल होंगे। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के संरक्षक एवं प्रदेश अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव नीलू और मोर्चे के उपाध्यक्ष एवं समन्वय महासंघ के संयोजक अनिल बाजपेई ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सांकेतिक धरने में निगम, मंडल, बोर्ड, परिषद और शीर्ष सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी भी शामिल होंगे। महासंघ के नेतृत्व ने सभी इकाइयों के पदाधिकारियों से धरने में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की मांगों को मजबूती प्रदान करना और संगठनों की एकता को प्रदर्शित करना है। यह धरना प्रदेश के कर्मचारी संगठनों की बढ़ती एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में कर्मचारी संगठनों के आंदोलन को समर्थन मिला है। मध्य प्रदेश निगम मंडल, अधिकारी-कर्मचारी समन्वय महासंघ ने संयुक्त मोर्चे के आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। 16 फरवरी को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक महासंघ के सभी पदाधिकारी और प्रदेश के निगम मंडल के समस्त कर्मचारी-अधिकारी धरने में शामिल होंगे। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के संरक्षक एवं प्रदेश अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव नीलू और मोर्चे के उपाध्यक्ष एवं समन्वय महासंघ के संयोजक अनिल बाजपेई ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सांकेतिक धरने में निगम, मंडल, बोर्ड, परिषद और शीर्ष सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी भी शामिल होंगे। महासंघ के नेतृत्व ने सभी इकाइयों के पदाधिकारियों से धरने में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की मांगों को मजबूती प्रदान करना और संगठनों की एकता को प्रदर्शित करना है। यह धरना प्रदेश के कर्मचारी संगठनों की बढ़ती एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।