प्रेम विवाह करने वाले जोड़े को मिली बड़ी राहत:हाईकोर्ट ने एसपी को दिए सुरक्षा देने के निर्देश, परिवार की धमकियों से परेशान थे
प्रेम विवाह करने वाले जोड़े को मिली बड़ी राहत:हाईकोर्ट ने एसपी को दिए सुरक्षा देने के निर्देश, परिवार की धमकियों से परेशान थे
ग्वालियर में अपने परिजनों की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने वाले नव दंपती को परिवार जनों से मिल रही धमकियों को देखते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रस्तुत याचिका पर उच्च न्यायालय ने ग्वालियर एसपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं उन तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित होने पर उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं या अन्य आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने नव दंपती की शादी की वैधता पर कोई टिप्पणी किए बिना उपरोक्त निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है। याचिकाकर्ता दिव्यांशी ने कहा गया था कि उसके परिवार के सदस्यों द्वारा उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ शादी करने पर धमकियां दी जा रही है। वे उनके विवाह को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। जबकि वे बालिग हो चुके हैं इस संबंध में उन्होंने आयु स्थापित करने वाले दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। इस पर शासन की ओर से कहा कि याचिकाकर्ता यदि एसपी ग्वालियर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करते हैं तो इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपना एक अभ्यावेदन एसपी ग्वालियर के समक्ष प्रस्तुत करें।
ग्वालियर में अपने परिजनों की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने वाले नव दंपती को परिवार जनों से मिल रही धमकियों को देखते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रस्तुत याचिका पर उच्च न्यायालय ने ग्वालियर एसपी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं उन तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित होने पर उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं या अन्य आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने नव दंपती की शादी की वैधता पर कोई टिप्पणी किए बिना उपरोक्त निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है। याचिकाकर्ता दिव्यांशी ने कहा गया था कि उसके परिवार के सदस्यों द्वारा उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ शादी करने पर धमकियां दी जा रही है। वे उनके विवाह को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। जबकि वे बालिग हो चुके हैं इस संबंध में उन्होंने आयु स्थापित करने वाले दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। इस पर शासन की ओर से कहा कि याचिकाकर्ता यदि एसपी ग्वालियर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करते हैं तो इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपना एक अभ्यावेदन एसपी ग्वालियर के समक्ष प्रस्तुत करें।