खरबूज-तरबूज फसल नुकसान पर 60 हजार तक मुआवजे की मांग:बुरहानपुर सांसद, विधायक और किसान प्रतिनिधि ने सीएम से की मुलाकात

बुरहानपुर में खरबूज और तरबूज की फसलों को हुए नुकसान के मामले में किसानों को राहत मिल सकती है। मंगलवार को बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनिस और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भोपाल में मुलाकात की। विधायक चिटनिस ने बताया कि जिले में करीब 2 हजार 500 हेक्टेयर में खरबूज-तरबूज की खेती होती है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन लागत 1.25 लाख रुपए आती है। इस साल प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों पर वायरस और रस चूसक कीटों का गंभीर संक्रमण हुआ है। इससे किसानों को अपनी फसल उखाड़कर फेंकनी पड़ी है। 50% से ज्यादा नुकसान पर 60 हजार रुपए मुआवजे की मांग वर्तमान में आरबीसी 6-4 के तहत फसल नुकसान पर 15 से 30 हजार रुपए का मुआवजा मिलता है। विधायक ने इसे बढ़ाकर 33 से 50 प्रतिशत नुकसान के लिए 30 हजार और 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान के लिए 60 हजार रुपए करने की मांग की है। नेपानगर विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद ​​​​​​​रहे- ​​​​​​​चिटनिस ने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा योजना बंद है। इस कारण किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता है। उन्होंने केले की फसल की तरह ही खरबूज-तरबूज के लिए भी मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की है। मुलाकात के दौरान नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और किसान प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

खरबूज-तरबूज फसल नुकसान पर 60 हजार तक मुआवजे की मांग:बुरहानपुर सांसद, विधायक और किसान प्रतिनिधि ने सीएम से की मुलाकात
बुरहानपुर में खरबूज और तरबूज की फसलों को हुए नुकसान के मामले में किसानों को राहत मिल सकती है। मंगलवार को बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनिस और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भोपाल में मुलाकात की। विधायक चिटनिस ने बताया कि जिले में करीब 2 हजार 500 हेक्टेयर में खरबूज-तरबूज की खेती होती है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन लागत 1.25 लाख रुपए आती है। इस साल प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों पर वायरस और रस चूसक कीटों का गंभीर संक्रमण हुआ है। इससे किसानों को अपनी फसल उखाड़कर फेंकनी पड़ी है। 50% से ज्यादा नुकसान पर 60 हजार रुपए मुआवजे की मांग वर्तमान में आरबीसी 6-4 के तहत फसल नुकसान पर 15 से 30 हजार रुपए का मुआवजा मिलता है। विधायक ने इसे बढ़ाकर 33 से 50 प्रतिशत नुकसान के लिए 30 हजार और 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान के लिए 60 हजार रुपए करने की मांग की है। नेपानगर विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद ​​​​​​​रहे- ​​​​​​​चिटनिस ने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा योजना बंद है। इस कारण किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता है। उन्होंने केले की फसल की तरह ही खरबूज-तरबूज के लिए भी मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की है। मुलाकात के दौरान नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और किसान प्रतिनिधि भी मौजूद थे।