खिलचीपुर में लगा 19वां उर्स:बाबा हजरत पीर यजदानी दरगाह पर देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु, रात भर चली कव्वाली

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर के सोमवारिया में स्थित बाबा हजरत पीर यजदानी दरगाह पर 19वां उर्स मनाया जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय उर्स पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ चल रहा है। दरगाह पर बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने और मन्नत मांगने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। अबू धाबी, दुबई और साउथ अफ्रीका से भी लोग हाजिरी लगाने आए हैं। शनिवार की रात को कव्वाली की भव्य महफिल का आयोजन किया गया। देश के प्रसिद्ध कव्वालों ने दरगाह प्रांगण में बने विशेष मंच पर प्रस्तुतियां दीं। रात 11 बजे से शुरू हुई महफिल तड़के 4 बजे तक चली। कव्वालों ने सूफी कलाम और भक्ति गीत पेश किए। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु सूफियाना कलामों पर झूमते रहे। भोपाल, इंदौर और मुंबई से भी लोग इस आयोजन में शामिल हुए। खिलचीपुर और राजगढ़ जिले के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालुओं ने शिरकत की। हर साल की तरह इस बार भी उर्स का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया जा रहा है। हर धर्म के लोग आते हैं उर्स में शामिल होने के लिए दुबई से आए अब्दुल राहुफ मारूफ ने बताया कि बाबा हजरत पीर यजदानी की दरगाह केवल हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में मशहूर है। उन्होंने कहा, "यहां सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं। बाबा पीर यजदानी ने अपनी पूरी जिंदगी मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया। यही वजह है कि यहां हर धर्म और जाति के लोग सिर झुकाते हैं और दुआएं मांगते हैं। दरगाह को भव्य रूप से सजाया उर्स के मौके पर दरगाह को विशेष रूप से सजाया गया। चारों ओर रंगीन रोशनी, फूलों की सजावट और झंडों से पूरा परिसर रौशन हो उठा। दरगाह के अंदर लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन मुस्तैद उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। प्रशासन की ओर से पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। रियाज शेख के अनुसार, यह उर्स हर साल इसी तरह उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और यहां आने वाले हर व्यक्ति की दुआ पूरी होती है। तीन दिवसीय इस उर्स का समापन रविवार रात को विशेष दुआ और अंतिम कव्वाली के साथ होगा, जिसमें हजारों लोग शामिल होकर बाबा हजरत पीर यजदानी से अपनी मुरादें मांगेंगे।

खिलचीपुर में लगा 19वां उर्स:बाबा हजरत पीर यजदानी दरगाह पर देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु, रात भर चली कव्वाली
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर के सोमवारिया में स्थित बाबा हजरत पीर यजदानी दरगाह पर 19वां उर्स मनाया जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय उर्स पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ चल रहा है। दरगाह पर बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने और मन्नत मांगने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। अबू धाबी, दुबई और साउथ अफ्रीका से भी लोग हाजिरी लगाने आए हैं। शनिवार की रात को कव्वाली की भव्य महफिल का आयोजन किया गया। देश के प्रसिद्ध कव्वालों ने दरगाह प्रांगण में बने विशेष मंच पर प्रस्तुतियां दीं। रात 11 बजे से शुरू हुई महफिल तड़के 4 बजे तक चली। कव्वालों ने सूफी कलाम और भक्ति गीत पेश किए। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु सूफियाना कलामों पर झूमते रहे। भोपाल, इंदौर और मुंबई से भी लोग इस आयोजन में शामिल हुए। खिलचीपुर और राजगढ़ जिले के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालुओं ने शिरकत की। हर साल की तरह इस बार भी उर्स का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया जा रहा है। हर धर्म के लोग आते हैं उर्स में शामिल होने के लिए दुबई से आए अब्दुल राहुफ मारूफ ने बताया कि बाबा हजरत पीर यजदानी की दरगाह केवल हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में मशहूर है। उन्होंने कहा, "यहां सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं। बाबा पीर यजदानी ने अपनी पूरी जिंदगी मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया। यही वजह है कि यहां हर धर्म और जाति के लोग सिर झुकाते हैं और दुआएं मांगते हैं। दरगाह को भव्य रूप से सजाया उर्स के मौके पर दरगाह को विशेष रूप से सजाया गया। चारों ओर रंगीन रोशनी, फूलों की सजावट और झंडों से पूरा परिसर रौशन हो उठा। दरगाह के अंदर लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन मुस्तैद उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। प्रशासन की ओर से पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। रियाज शेख के अनुसार, यह उर्स हर साल इसी तरह उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और यहां आने वाले हर व्यक्ति की दुआ पूरी होती है। तीन दिवसीय इस उर्स का समापन रविवार रात को विशेष दुआ और अंतिम कव्वाली के साथ होगा, जिसमें हजारों लोग शामिल होकर बाबा हजरत पीर यजदानी से अपनी मुरादें मांगेंगे।