बांग्लादेश: पूर्व मंत्री पर अदालत में पेशी के दौरान भीड़ ने हमला किया
बांग्लादेश: पूर्व मंत्री पर अदालत में पेशी के दौरान भीड़ ने हमला किया
ढाका, 28 अप्रैल। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की कैबिनेट के एक पूर्व मंत्री पर राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में स्थित अदालत में पेशी के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर हमला किया। अलग अलग अखबारों की खबरों में सोमवार को यह जानकारी सामने आयी।
बड़े संख्या में बिकने वाले प्रथम अलो और कई अन्य समाचार पत्रों ने खबर दी कि पूर्व सरकार का विरोध करने वाले वकीलों सहित लोगों के एक समूह ने पूर्व कानून मंत्री अनीस-उल-हक पर उस समय हमला किया जब पुलिस उन्हें जेल वैन में ले जा रही थी।
यह हमला राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित बंदरगाह शहर नारायणगंज की एक अदालत में हुआ। अदालत ने हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने तुरंत उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया। प्रोथोम अलो अखबार ने कहा कि पुलिसकर्मी हक को गंभीर रूप से घायल होने से बचाने के लिए उन्हें लेकर अदालत परिसर में वैन की ओर दौड़ने लगे।
प्रोथोम अलो ने कहा, जब उन्हें सुनवाई के बाद अदालत से बाहर लाया जा रहा था, तो कुछ लोगों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी।
पिछले वर्ष छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान हक सहित कई अन्य मंत्रियों और हसीना की अवामी लीग के नेताओं पर हत्या और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे और पिछले महीनों में पुलिस हिरासत में अदालत में पेशी के दौरान उनमें से कई पर हमला भी किया गया था।(भाषा)
ढाका, 28 अप्रैल। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की कैबिनेट के एक पूर्व मंत्री पर राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में स्थित अदालत में पेशी के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर हमला किया। अलग अलग अखबारों की खबरों में सोमवार को यह जानकारी सामने आयी।
बड़े संख्या में बिकने वाले प्रथम अलो और कई अन्य समाचार पत्रों ने खबर दी कि पूर्व सरकार का विरोध करने वाले वकीलों सहित लोगों के एक समूह ने पूर्व कानून मंत्री अनीस-उल-हक पर उस समय हमला किया जब पुलिस उन्हें जेल वैन में ले जा रही थी।
यह हमला राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित बंदरगाह शहर नारायणगंज की एक अदालत में हुआ। अदालत ने हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने तुरंत उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया। प्रोथोम अलो अखबार ने कहा कि पुलिसकर्मी हक को गंभीर रूप से घायल होने से बचाने के लिए उन्हें लेकर अदालत परिसर में वैन की ओर दौड़ने लगे।
प्रोथोम अलो ने कहा, जब उन्हें सुनवाई के बाद अदालत से बाहर लाया जा रहा था, तो कुछ लोगों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी।
पिछले वर्ष छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान हक सहित कई अन्य मंत्रियों और हसीना की अवामी लीग के नेताओं पर हत्या और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे और पिछले महीनों में पुलिस हिरासत में अदालत में पेशी के दौरान उनमें से कई पर हमला भी किया गया था।(भाषा)