अनूपपुर में हाथियों का आतंक:दो दिन से जंगल में डेरा, रात में किसानों की फसलें कर रहे बर्बाद
अनूपपुर में हाथियों का आतंक:दो दिन से जंगल में डेरा, रात में किसानों की फसलें कर रहे बर्बाद
अनूपपुर जिले में तीन हाथियों का समूह पिछले 37 दिनों से विचरण कर रहा है। ये हाथी पिछले दो दिनों से गोबरी के जंगल में डेरा डाले हुए हैं। दिन में जंगल में रहने के बाद रात होते ही ये खेतों में पहुंच जाते हैं। वन विभाग के गस्ती दल और ग्रामीणों को चकमा देकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों ने अब तक 100 से अधिक घर, खेत और बाड़ियों में नुकसान किया है। ये छत्तीसगढ़ की सीमा से आकर जैतहरी, अनूपपुर से राजेंद्रग्राम इलाके में घूम रहे हैं। तीन दिन पहले ये फिर से जैतहरी तहसील के इलाके में लौट आए। मौसम में बदलाव और बारिश के कारण अधिकांश किसान खेतों की झोपड़ियों के बजाय गांव में रात बिता रहे हैं। इसका फायदा हाथी उठा रहे हैं। बुधवार और गुरुवार की रात वन विभाग और ग्रामीण हाथियों की तलाश में जुटे रहे। लेकिन हाथी नए-नए स्थानों पर जाकर स्वतंत्र रूप से विचरण करते रहे। हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रखी जा रही है। ग्रामीणों द्वारा खेतों में बिजली के तार लगाए जाने के कारण यह कदम उठाया गया है। बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान और नाराज हैं।
अनूपपुर जिले में तीन हाथियों का समूह पिछले 37 दिनों से विचरण कर रहा है। ये हाथी पिछले दो दिनों से गोबरी के जंगल में डेरा डाले हुए हैं। दिन में जंगल में रहने के बाद रात होते ही ये खेतों में पहुंच जाते हैं। वन विभाग के गस्ती दल और ग्रामीणों को चकमा देकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों ने अब तक 100 से अधिक घर, खेत और बाड़ियों में नुकसान किया है। ये छत्तीसगढ़ की सीमा से आकर जैतहरी, अनूपपुर से राजेंद्रग्राम इलाके में घूम रहे हैं। तीन दिन पहले ये फिर से जैतहरी तहसील के इलाके में लौट आए। मौसम में बदलाव और बारिश के कारण अधिकांश किसान खेतों की झोपड़ियों के बजाय गांव में रात बिता रहे हैं। इसका फायदा हाथी उठा रहे हैं। बुधवार और गुरुवार की रात वन विभाग और ग्रामीण हाथियों की तलाश में जुटे रहे। लेकिन हाथी नए-नए स्थानों पर जाकर स्वतंत्र रूप से विचरण करते रहे। हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रखी जा रही है। ग्रामीणों द्वारा खेतों में बिजली के तार लगाए जाने के कारण यह कदम उठाया गया है। बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान और नाराज हैं।