बांधवगढ़ में बाघिन का रेस्क्यू; शरीर पर चोट के निशान:3 हाथियों और 50 कर्मचारियों की टीम ने पकड़ा, बहेरहा इंक्लोजर में होगा इलाज

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र में एक घायल बाघिन को रेस्क्यू किया गया है। लगभग 7 वर्षीय यह बाघिन पिछले दिनों चर्चा में थी। इसने कुशमाहा गांव में 21 अप्रैल को दो ग्रामीणों और 28 अप्रैल को एक वन कर्मी पर हमला किया था। बाघिन की निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व की टीम ने हाथियों और वाहनों का इस्तेमाल किया। रेस्क्यू के लिए भोपाल स्थित पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ से अनुमति ली गई। शुक्रवार सुबह तीन हाथियों और 50 से अधिक स्टाफ की मदद से बाघिन को पकड़ा गया। बाघिन के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके इलाज के लिए मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा इंक्लोजर में रखा जाएगा। वहीं इसका उपचार भी किया जाएगा। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र अधिकारी अर्पित मैराल ने बताया कि बाघिन का रेस्क्यू कर लिया गया है। रेस्क्यू में तीन हाथियों की मदद ली गई है। बाघिन को बहेरहा इंक्लोजर मे रखा जाएगा 10 दिनों से चल रहा था बाघिन का रेस्क्यू अभियान कुसमहा के ग्रामीणों पर हमला के बाद बाघिन की निगरानी के लिए दो हाथियों और दो गाड़ियों के साथ बीस से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया था। बाघिन गांव के नजदीक ना आ सके इस बात का विशेष ध्यान टीम रख रही थी।

बांधवगढ़ में बाघिन का रेस्क्यू; शरीर पर चोट के निशान:3 हाथियों और 50 कर्मचारियों की टीम ने पकड़ा, बहेरहा इंक्लोजर में होगा इलाज
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र में एक घायल बाघिन को रेस्क्यू किया गया है। लगभग 7 वर्षीय यह बाघिन पिछले दिनों चर्चा में थी। इसने कुशमाहा गांव में 21 अप्रैल को दो ग्रामीणों और 28 अप्रैल को एक वन कर्मी पर हमला किया था। बाघिन की निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व की टीम ने हाथियों और वाहनों का इस्तेमाल किया। रेस्क्यू के लिए भोपाल स्थित पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ से अनुमति ली गई। शुक्रवार सुबह तीन हाथियों और 50 से अधिक स्टाफ की मदद से बाघिन को पकड़ा गया। बाघिन के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके इलाज के लिए मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा इंक्लोजर में रखा जाएगा। वहीं इसका उपचार भी किया जाएगा। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र अधिकारी अर्पित मैराल ने बताया कि बाघिन का रेस्क्यू कर लिया गया है। रेस्क्यू में तीन हाथियों की मदद ली गई है। बाघिन को बहेरहा इंक्लोजर मे रखा जाएगा 10 दिनों से चल रहा था बाघिन का रेस्क्यू अभियान कुसमहा के ग्रामीणों पर हमला के बाद बाघिन की निगरानी के लिए दो हाथियों और दो गाड़ियों के साथ बीस से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया था। बाघिन गांव के नजदीक ना आ सके इस बात का विशेष ध्यान टीम रख रही थी।