चौक जिनालय भोपाल में दस प्रतिमा धारी पूजाश्री की संल्लेखना:समसगढ़ में हुए अंतिम संस्कार, शुक्रवार को होगी विनयांजली सभा

भोपाल के चौक जिनालय में बुधवार को संल्लेखना से हुआ पूजाश्री माताजी का मरण। पंचायत कमेटी ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष मनोज जैन व मंत्री मनोज आर एम ने बताया कि विगत कुछ दिनों से कोलार निवासी पूजा जैन की संलेखना आर्यिका श्री गुरुमति माताजी एवं दृढ़ मति माताजी के सानिध्य में चल रही थी। पूजा श्री विगत 4 वर्षों से कैंसर जैसे असाध्य रोग से लड़ रही थी। डॉक्टर द्वारा जवाब देने के बाद उन्होंने अपने शेष जीवन को धर्म को समर्पित करने का निर्णय लिया एवं स्वेच्छा से उन्होंने घर परिवार का त्याग कर आर्यिका श्री के चरणों में संलेखना पूर्वक समाधि की भावना व्यक्त की। आर्यिकाश्री ने उन्हें दस प्रतिमा का व्रत दिया, उसके बाद सागर से आई साधिका व आश्रम की साधिकाओं की निगरानी में संल्लेखना हुआ। उन्होंने सुबह 05.45 बजे शांति पूर्वक समाधि मरण को प्राप्त किया। आर्यिका संघ के निर्देशानुसार उनके अंतिम संस्कार समसगढ़ पर किए गए। जिसमें उनके परिवार के अतिरिक्त पंचायत कमेटी के उपाध्यक्ष आलोक पंचरत्न, प्रदीप सोगानी, मंत्री मनोज आर एम, कोषाध्यक्ष हुकमचंद जैन ट्रस्टी राजीव मोदी, अनुराग पवैया एवं समाज के वरिष्ठ पंकज सुपारी, अरविंद सुपारी, पवन सुपर, जिनेन्द्र जैन मौजूद रहे। संस्कार के बाद एक श्रद्धांजलि सभा की गई जिसमें समाज के लोगों ने अपनी विनयंजलि प्रगट की । मंत्री मनोज आर एम ने बताया कि 20 सितंबर( शुक्रवार) को चौक धर्मशाला में एक विनयांजली सभा सुबह 09.30 बजे से रखी गई है।

चौक जिनालय भोपाल में दस प्रतिमा धारी पूजाश्री की संल्लेखना:समसगढ़ में हुए अंतिम संस्कार, शुक्रवार को होगी विनयांजली सभा
भोपाल के चौक जिनालय में बुधवार को संल्लेखना से हुआ पूजाश्री माताजी का मरण। पंचायत कमेटी ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष मनोज जैन व मंत्री मनोज आर एम ने बताया कि विगत कुछ दिनों से कोलार निवासी पूजा जैन की संलेखना आर्यिका श्री गुरुमति माताजी एवं दृढ़ मति माताजी के सानिध्य में चल रही थी। पूजा श्री विगत 4 वर्षों से कैंसर जैसे असाध्य रोग से लड़ रही थी। डॉक्टर द्वारा जवाब देने के बाद उन्होंने अपने शेष जीवन को धर्म को समर्पित करने का निर्णय लिया एवं स्वेच्छा से उन्होंने घर परिवार का त्याग कर आर्यिका श्री के चरणों में संलेखना पूर्वक समाधि की भावना व्यक्त की। आर्यिकाश्री ने उन्हें दस प्रतिमा का व्रत दिया, उसके बाद सागर से आई साधिका व आश्रम की साधिकाओं की निगरानी में संल्लेखना हुआ। उन्होंने सुबह 05.45 बजे शांति पूर्वक समाधि मरण को प्राप्त किया। आर्यिका संघ के निर्देशानुसार उनके अंतिम संस्कार समसगढ़ पर किए गए। जिसमें उनके परिवार के अतिरिक्त पंचायत कमेटी के उपाध्यक्ष आलोक पंचरत्न, प्रदीप सोगानी, मंत्री मनोज आर एम, कोषाध्यक्ष हुकमचंद जैन ट्रस्टी राजीव मोदी, अनुराग पवैया एवं समाज के वरिष्ठ पंकज सुपारी, अरविंद सुपारी, पवन सुपर, जिनेन्द्र जैन मौजूद रहे। संस्कार के बाद एक श्रद्धांजलि सभा की गई जिसमें समाज के लोगों ने अपनी विनयंजलि प्रगट की । मंत्री मनोज आर एम ने बताया कि 20 सितंबर( शुक्रवार) को चौक धर्मशाला में एक विनयांजली सभा सुबह 09.30 बजे से रखी गई है।