महेन्द्र कर्मा विवि के भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत पर पांच सदस्यीय टीम कर रही है जांच – सीएम साय
महेन्द्र कर्मा विवि के भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत पर पांच सदस्यीय टीम कर रही है जांच – सीएम साय
00 46 साल, 54 साल, 48 साल और एक 42 साल के यूपी के व्यक्ति को रखा गया नौकरी पर - चंद्राकर
रायपुर। बस्तर के शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय में यूजीसी के नियमों को दरकिनार करते हुए 46 साल, 54 साल, 48 साल और एक 42 साल के यूपी के व्यक्ति को नौकरी पर रखा गया है का मामला पूर्व मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में उठाया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के कारण पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है और वह जांच कर रही है, जांच रिपार्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मामला उठाया। इसके लिखित जवाब में सीएम ने बताया कि शहीद महेन्द्र कर्मा विवि में 59 शैक्षणिक पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। यूजीसी रेगुलेशन-2018 में उल्लेखित नियमों के अनुसार शर्तें रखी गई है। यह भी बताया कि विज्ञापित 10 में से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष दो विभाग में आवेदन प्राप्त न होने, और उपयुक्त अभ्यार्थी नहीं होने के कारण भर्ती नहीं की गई है। इसके लिए समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर ने लिखित जवाब पर कहा कि न तो आरक्षण का पालन किया गया, और न ही यूजीसी के नियमों को ध्यान में रखा गया। मनमानी तरीके से भर्ती हुई है। उन्होंने कहा कि 46 साल, 54 साल, 48 साल और एक 42 साल के यूपी के व्यक्ति को नौकरी पर रखा गया। चंद्राकर ने कहा कि न सिर्फ महेन्द्र कर्मा बल्कि राजकीय विवि हैं वहां आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि महेन्द्र कर्मा विवि ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत आई है। अतिरिक्त संचालक डॉ. एसपी खैरवार की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।







