दुर्गा विसर्जन के दौरान पलटी नाव, 4 की दर्दनाक मौत

दुर्गा विसर्जन के दौरान पलटी नाव, 4 की दर्दनाक मौत

दुर्गा विसर्जन के दौरान पलटी नाव, 4 की दर्दनाक मौत

कोटा। राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में हुए दर्दनाक हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं. मंगलवार (20 अक्टूबर) शाम नाव पलटने से नहर में डूबे चारों युवकों के शव बुधवार सुबह करीब 18 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिए गए.

हादसे में जान गंवाने वालों में दो चचेरे भाई भी शामिल हैं. चारों शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर मिले. हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा.

मंगलवार शाम विसर्जन के दौरान पलटी नाव, सात लोग डूबे

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे कोटा के कोटड़ी नहर क्षेत्र में नाग-नागिन मंदिर के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलट गई. नाव में सवार सात लोग पानी में डूब गए. अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने बचाव के प्रयास किए. हादसे में तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि चार युवक पानी के तेज बहाव में बह गए.

चार युवकों के लापता होने की सूचना के बाद नगर निगम की गोताखोर टीम के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. नहर में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया. मंगलवार शाम से देर रात तक रेस्क्यू चलता रहा, लेकिन चारों युवकों का पता नहीं चल सका.

एक-एक कर मिले शव

रातभर तलाश के बाद बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया. सबसे पहले विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) और सूरज सिंह (22) के शव बरामद किए गए. इसके बाद स्थानीय मछुआरों, नाविकों और गोताखोरों ने भी तलाश अभियान में सहयोग किया. उनकी मदद से एशू जोशी (19) का शव मिला. कुछ देर बाद रेस्क्यू टीम ने राहुल जोशी (18) का शव भी बरामद कर लिया. चारों युवकों के शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर मिले. एशू जोशी और राहुल जोशी आपस में चचेरे भाई थे. चारों शव मिलने के साथ ही करीब 18 घंटे से चल रहे तलाशी अभियान का दुखद अंत हुआ.

चार परिवारों में मातम, पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव

हादसे में चार युवकों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिन घरों में त्योहार और विसर्जन की तैयारियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. शव बरामद होने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. हादसे की खबर से इलाके में भी शोक का माहौल है.

प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद कैसे हुआ हादसा?

कोटा में प्रतिमा विसर्जन के दौरान नगर निगम, पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जाती है. इसके बावजूद कोटड़ी नहर में नाव पलटने से चार युवकों की जान चली गई. हादसे के बाद विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

प्रशासन अब हादसे के कारणों की जांच में जुटा है. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नाव किन परिस्थितियों में पलटी, नाव में कितने लोग सवार थे और विसर्जन के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे. इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नहरों में प्रतिमा विसर्जन और जलभराव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है.

कोटा की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. चार युवकों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विसर्जन के दौरान ऐसा हादसा कैसे हुआ और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.