10 माओवादियों के शव ढोना जवानों के लिए बनी चुनौती
10 माओवादियों के शव ढोना जवानों के लिए बनी चुनौती
गरियाबंद: जिले की मटाल पहाड़ियों में गुरुवार को हुई मुठभेड़ के बाद शुक्रवार सुबह जवानों के सामने सबसे कठिन काम था 10 माओवादियों के शवों को दुर्गम पहाड़ियों से निकालकर गरियाबंद मुख्यालय तक पहुंचाना। हालात को देखते हुए मौके पर दो चॉपर बुलाए गए और शवों को एयरलिफ्ट कराया गया। इन सभी पर तीन राज्यों ने मिलाकर कुल 3 करोड़ 4 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
माओवादियों को की इनामी सूची
मनोज बालकृष्णन भास्कर – केंद्रीय कमेटी सदस्य, इनाम: छत्तीसगढ़ 1 करोड़, ओडिशा 25 लाख, आंध्र 25 लाख = 1.50 करोड़
प्रमोद उर्फ पांडु – ओडिशा राज्य कमेटी सदस्य, इनाम: छत्तीसगढ़ 25 लाख, ओडिशा 20 लाख, आंध्र 20 लाख = 65 लाख
विमल उर्फ मगन्ना – टेक्निकल टीम प्रभारी, इनाम: छत्तीसगढ़ 8 लाख, ओडिशा 5 लाख, आंध्र 5 लाख = 18 लाख
नंदे उर्फ मंजू (विक्रम की पत्नी) – एससीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 5 लाख, ओडिशा 4 लाख, आंध्र 4 लाख = 13 लाख
उमेश पिता सुकून – एसी, इनाम: छत्तीसगढ़ 5 लाख, ओडिशा 5 लाख, आंध्र 4 लाख = 14 लाख
रंजीता पति डमरू – एसीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 5 लाख, ओडिशा 4 लाख, आंध्र 4 लाख = 13 लाख
अंजलि पति कृष्णा – टेक्निकल टीम एसीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 5 लाख, ओडिशा 4 लाख, आंध्र 4 लाख = 13 लाख
सिंधु – टेक्निकल टीम एसीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 5 लाख, ओडिशा 4 लाख, आंध्र 4 लाख = 13 लाख
आरती (उषा की गार्ड) – पीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 1 लाख, ओडिशा 1 लाख, आंध्र 1 लाख = 3 लाख
समीर – पीएम, इनाम: छत्तीसगढ़ 1 लाख, ओडिशा 1 लाख, आंध्र 1 लाख = 3 लाख
माओवादियों में 4 महिलाएं
इनमें 6 पुरुष और 4 महिलाएं थीं। खास बात यह है कि तकनीकी टीम से जुड़े कई माओवादी भी मारे गए हैं, जो आइईडी और हथियारों की सप्लाई के लिए जिम्मेदार थे। ऑपरेशन में मिली सफलता और बाकी खतरा स्थानीय सूत्र बताते हैं कि शवों को दोपहर तक लाया गाय, जिसके बाद शिनाख्त कर रायपुर भेजा जाएगा।







