छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025–30 को कैबिनेट की मंजूरी
छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025–30 को कैबिनेट की मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30 को मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत नए स्टार्टअप पर लोन का 75 प्रतिशत ब्याज और बिना गारंटी ऋण मिलेगा। यदि कोई स्टार्टअप शुरू करता है तो वह जो भी बैंक से लोन लेगा, उसके ब्याज की 75 प्रतिशत राशि पांच साल तक सरकार देगी। इसके अलावा नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी।
स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक डीपीआईआईटी पंजीकृत नए स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया है। नीति के तहत वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी व बौद्धिक संपदा से जुड़ा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति व जनजाति, दिव्यांग, सेवानिवृत्त सैनिक, माओवादी हिंसा प्रभावित लोग और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप के लिए भी विशेष प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं।
उद्योग विभाग की ओर से बीते एक वर्ष से इस नई नीति पर काम किया जा रहा था। इससे पहले वर्ष 2017 में रमन सरकार ने नवाचार उद्यमिता विकास नीति 2015–2019 लागू की थी, जो अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नई नीति नहीं बन पाई और प्रदेश में बिना किसी नीति के ही स्टार्टअप संचालित होते रहे।
इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में हब एंड स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के जरिए नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार और उद्यमिता के लिए अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
स्टार्टअप के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता
सीड फंड सहायता : नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक सहायता।
स्टार्टअप कैपिटल फंड : निवेश उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड।
क्रेडिट रिस्क फंड : बिना गारंटी ऋण के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड।
ब्याज अनुदान : 50 लाख रुपये तक के ऋण पर पांच वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान।
किराया अनुदान : तीन वर्षों तक भुगतान किए गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रुपये प्रति माह)।
स्थायी पूंजी निवेश अनुदान : मशीनरी व उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख रुपये)।
पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता : राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट और प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक (अधिकतम 10 लाख रुपये)।
इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता
शासकीय इनक्यूबेटरों को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान।
निजी इनक्यूबेटरों को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम तीन करोड़ रुपये)।
बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटरों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता।
अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि पर अनुदान की पात्रता।
कार्यक्रम और एक्सेलेरेशन सहायता
मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटरों को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक लाख रुपये प्रति कार्यक्रम (अधिकतम चार लाख रुपये वार्षिक)।
न्यूनतम आठ सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रुपये तक के व्यय का भुगतान।
उभरता हुआ हब बनाने के उद्देश्य की नीति
लखन लाल देवांगन, वाणिज्य व उद्योग मंत्री का कहना है कि प्रदेश को स्टार्टअप और इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनाने के उद्देश्य से यह नीति लाई गई है। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी। इनोवेशन, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।







