कुंदन की जिद से खुला 1,000 करोड़ का NGO घोटाला

कुंदन की जिद से खुला 1,000 करोड़ का NGO घोटाला

कुंदन की जिद से खुला 1,000 करोड़ का NGO घोटाला

बिलासपुर: राजधानी रायपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर का नाम शायद ही कोई जानता हो, लेकिन उनकी हिम्मत ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। समाज कल्याण विभाग में 2008 से 2016 तक संविदा कर्मचारी रहे कुंदन ने जब नियमितीकरण के लिए आवेदन किया, तब उन्हें पता चला कि वे पहले से ही सहायक वर्ग-2 पद पर पदस्थ दिखाए गए हैं और 2012 से उनके नाम से वेतन भी निकाला जा रहा है। हैरान कुंदन ने आरटीआइ लगाई तो चौंकाने वाला सच सामने आया कि उनके अलावा 14 और लोगों के नाम पर भी फर्जी नियुक्तियां दिखाई गईं और करोड़ों रुपये का वेतन आहरित किया गया। यहीं से शुरू हुई उनकी जंग ने धीरे-धीरे स्टेट रिसोर्स सेंटर (एसआरसी) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (पीआरआरसी) में हुए 1,000 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का राजफाश कर दिया।