'लेडी डॉन' पूजा सचदेवा समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने किया अरेस्ट

'लेडी डॉन' पूजा सचदेवा समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने किया अरेस्ट

'लेडी डॉन' पूजा सचदेवा समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने किया अरेस्ट

रायपुर की हिस्ट्रीशीटर और 'लेडी डॉन' पूजा सचदेवा समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट किया है। पूजा ने कमल विहार के एक फ्लैट में 2 छात्राओं और उसके भाई को बंधक बनाकर जमकर पीटा, फिर आरोपियों ने लूटपाट की। गिरोह ने छात्राओं से अश्लील हरकतें भी की। मामला

जानकारी के मुताबिक, पूजा सचदेवा ने खुद को महिला सब-इंस्पेक्टर बताकर पीड़ितों को धमकाया। तीनों से करीब डेढ़ लाख रुपए कैश, मोबाइल फोन और लैपटॉप लूट लिए। पीड़ितों ने पूजा और उनके साथियों की शिकायत की थी। इसके बाद कार्रवाई हुई है। वहीं 2 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।

दरअसल, 14 नवंबर को अमलीडीह की युवती अपनी सहेली के साथ भाई को दवाई देने कमल विहार गई थी। लौटते समय लिफ्ट में उनकी मुलाकात पूजा सचदेवा और उसके साथियों से हुई। सभी नशे की हालत में थे। बातचीत के दौरान पूजा ने खुद को महिला पुलिस अधिकारी बताया।

इस दौरान छात्रा पर ‘गलत गतिविधियों’ में शामिल होने का झूठा आरोप लगाकर जमकर डराया-धमकाया। डरी-सहमी छात्रा को पूजा जबरन उसके भाई के कमरे तक ले गई। कमरे में युवक के साथ उसके तीन दोस्त भी थे।

इस दौरान आरोपियों ने दरवाजा बंद कर सभी को कमरे में कैद किया। इसके बाद जमकर मारपीट, धमकियां और गाली-गलौज की। गैंग ने डेढ़ लाख रुपए छीनने के बाद भी और पैसों की डिमांड की। इसके साथ ही छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग निकले।

वारदात के बाद, पीड़ितों ने मुजगहन थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने छापेमारी कर पूजा समेत गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका भाई मोनू और साथी करण साहू अभी भी फरार हैं। सभी पर डकैती, मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पूजा सचदेवा को पुलिस रिकॉर्ड्स में ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जाता है। 2005 में कोतवाली थाने में पूजा के खिलाफ पहली FIR दर्ज हुई थी। उस पर अलग-अलग थानों में हत्या, मारपीट, बलवा, सट्टेबाजी और गांजा तस्करी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। अब तक 18 बार जेल जा चुकी है।

वहीं 2017 में हुए चर्चित संतोष दुबे हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। 2015 में कोतवाली पुलिस ने उसे निगरानी सूची में शामिल किया था।

पूजा सचदेवा की बहन मोनिका सचदेवा को भी पुलिस ‘लेडी डॉन’ के नाम से जानती है। उसके खिलाफ 2006 में कोतवाली थाने में पहला केस दर्ज हुआ था। 2017 में संतोष दुबे हत्याकांड में गिरफ्तार हुई थी। गांजा और शराब तस्करी, सट्टेबाजी तथा मारपीट के 15 मामलों में जेल जा चुकी है।