दशहरे पर रायपुर में सबसे ऊंचा रावण, बिलासपुर में 71 फीट का पुतला

दशहरे पर रायपुर में सबसे ऊंचा रावण, बिलासपुर में 71 फीट का पुतला

दशहरे पर रायपुर में सबसे ऊंचा रावण, बिलासपुर में 71 फीट का पुतला

रायपुर। विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच रावण दहन होगा। प्रदेश का सबसे बड़ा 101 फीट ऊंचा रावण रायपुर के WRS मैदान में शाम 7 बजे के बाद जलेगा। यहां शाम 5 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी होगी।

इसे देखने के लिए करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। आयोजन स्थल पर पेयजल, रोशनी, मोबाइल शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। वहीं, रावणभाठा में भी शाम करीब 7 बजे रावण दहन होगा।

बिलासपुर में पुलिस मैदान समेत 9 प्रमुख जगहों पर रावण दहन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यहां 65 से 71 फीट तक ऊंचे रावण के पुतले जलाए जाएंगे। प्रमुख आयोजन स्थलों पर शाम 6 से रात 8 बजे के बीच रावण दहन होगा। वहीं, जगदलपुर में रावण दहन की परंपरा नहीं है। यहां 75 दिनों तक बस्तर दशहरा चलता है, लेकिन रावण नहीं जलाया जाता।

बिलासपुर में 9 प्रमुख जगहों पर होगा रावण दहन

बिलासपुर में पुलिस मैदान सहित 9 प्रमुख जगहों पर रावण दहन होगा। शाम 6 से रात 8 बजे के बीच रावण दहन किया जाएगा। आयोजनों में श्रीराम परिवार की झांकी, राम-रावण युद्ध और आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

दुर्ग-भिलाई में 7 जगह होगा रावण दहन

दुर्ग-भिलाई में विजयादशमी पर अलग-अलग जगहों पर दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। रविशंकर स्टेडियम से लेकर भिलाई के सेक्टर-2, सेक्टर-7, रिसाली, पद्मनाभपुर, शांति नगर और बैकुंठ धाम में रावण दहन होगा।

इन आयोजनों में रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आतिशबाजी के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा। शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम होंगे।

रविशंकर स्टेडियम में होगा शहर का सबसे बड़ा आयोजन

दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में शहर का सबसे बड़ा प्रमुख सार्वजनिक दशहरा उत्सव आयोजित किया जाता है। यहां भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद रावण दहन होगा। हर साल बड़ी संख्या में लोग उत्सव देखने पहुंचते हैं।

रायगढ़ के 3 बड़े मैदानों में आयोजन

रायगढ़ के रामलीला मैदान, मिनी स्टेडियम और नटवर हाई स्कूल मैदान में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस बार अलग-अलग आयोजन स्थलों पर 50 और 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले तैयार किए गए हैं।