हाई कोर्ट ने आरोपी को किया बरी,‘दुष्कर्म पीड़िता सरकारी अधिकारी है, समझ सकती है अपना अच्छा-बुरा’

हाई कोर्ट ने आरोपी को किया बरी,‘दुष्कर्म पीड़िता सरकारी अधिकारी है, समझ सकती है अपना अच्छा-बुरा’

हाई कोर्ट ने आरोपी को किया बरी,‘दुष्कर्म पीड़िता सरकारी अधिकारी है, समझ सकती है अपना अच्छा-बुरा’

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में झूठे विवाह के वादे पर दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए युवक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। निचली अदालत ने आरोपी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि पीड़िता न केवल बालिग और विवाहित थी, बल्कि वह एक शासकीय अधिकारी के रूप में कार्यरत थी और अपने भले-बुरे का निर्णय स्वयं लेने में सक्षम थी। इस परिस्थिति में यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए या विवाह का झूठा वादा कर उसे धोखा दिया।