अंबिकापुर-सीतापुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, 2 की मौत

अंबिकापुर-सीतापुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, 2 की मौत

अंबिकापुर-सीतापुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, 2 की मौत

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के बतौली से लगे शांतिपारा में दशहरा मेला व सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर घर लौट रहे दो किशोरों को अंबिकापुर-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार सरिया लोड ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टीवीएस एक्सएल मोपेड के परखच्चे उड़ गए और दोनों किशोरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसा बुधवार 21 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे काराबेल व बिशुनपुर के बीच हुआ। दोनों किशोर बिना हेलमेट के सफर कर रहे थे।

सीतापुर के ग्राम पंचायत सोनतराई निवासी पवन मांझी पिता कुसित मांझी (16) और सूर्यकांत पैकरा पिता हरिलाल पैकरा (15) दोनों मंगलवार रात बतौली के शांतिपारा दशहरा मैदान में आयोजित दशहरा कार्यक्रम देखने गए थे। पूरी रात कार्यक्रम देखने के बाद बुधवार सुबह करीब छह बजे दोनों अपनी टीवीएस एक्सएल मोपेड क्रमांक से घर लौट रहे थे।जैसे ही वे अंबिकापुर-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर काराबेल के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे सरिया लोड ट्रेलर ने उनकी मोपेड को जोरदार टक्कर मार दी।

बताया जा रहा है कि ट्रेलर तेज गति में था और सरिया से ओवरलोड था। टक्कर मारने के बाद ट्रेलर मोपेड को कई मीटर तक घसीटते हुए ले गया।हादसे में दोनों किशोर मोपेड से उछलकर सड़क पर गिर गए। दोनों ने ही हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण उनके सिर पर गंभीर चोट आई। अधिक खून बहने और सिर में गहरी चोट लगने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग और सुबह टहलने निकले ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

सड़क पर दो किशोरों के शव और क्षतिग्रस्त मोपेड पड़ी देख सभी सिहर उठे।हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक मौके से ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया। ट्रेलर को जब्त कर लिया गया है। दो किशोरों की असमय मौत की खबर मिलते ही ग्राम सोनतराई में मातम पसर गया।

पुलिस की अपील- नाबालिगों को वाहन न दें, हेलमेट जरूर पहनें

हादसे ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और बिना हेलमेट सफर करने के खतरे को उजागर किया है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। अंबिकापुर-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही लगातार हादसों का कारण बन रही है।