ट्रंप के नरम तेवर: होर्मुज स्ट्रेट खोले बिना ईरान पर युद्ध विकल्प पर विचार

ट्रंप के नरम तेवर: होर्मुज स्ट्रेट खोले बिना ईरान पर युद्ध विकल्प पर विचार

ट्रंप के नरम तेवर: होर्मुज स्ट्रेट खोले बिना ईरान पर युद्ध विकल्प पर विचार

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को सीमित समय में समाप्त करने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अगले 4 से 6 हफ्तों के भीतर ऑपरेशन को समेटने की योजना पर विचार कर रहा है। भले होर्मुज स्ट्रेट बंद ही क्यों न रहे।

द वॉल सट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगियों को संकेत दिया है कि अमेरिका अपने मुख्य रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अभियान समाप्त कर सकता है।
लक्ष्य हासिल होते ही ऑपरेशन खत्म करने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका का फोकस ईरान की नौसैनिक और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर है। ट्रंप का मानना है कि यदि ये लक्ष्य पूरे हो जाते हैं, तो बिना होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोले भी अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त कर सकता है और इसे रणनीतिक जीत के रूप में पेश कर सकता है।

ऊर्जा निर्भरता में कमी बना आधार

ट्रंप ने यह भी तर्क दिया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला लगभग 84% तेल एशियाई बाजारों में जाता है। ऐसे में इसे खोलने की जिम्मेदारी अब एशिया और यूरोप की अधिक होनी चाहिए। उनका दावा है कि अमेरिका अब मिडिल ईस्ट की ऊर्जा पर पहले जैसा निर्भर नहीं है।
क्या बढ़ेगा ईरान का प्रभाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका बिना होर्मुज को खुलवाए पीछे हटता है, तो इस अहम समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण और मजबूत हो सकता है। यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है और भविष्य में कूटनीतिक प्रयासों को और अहम बना देगा।
ट्रंप का रुख बदला?

गौरतलब है कि ट्रंप पहले ईरान को कड़ी चेतावनी देते रहे हैं कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा। ऐसे में बिना स्ट्रेट खुलवाए पीछे हटने के संकेत को उनके रुख में बड़ा बदलाव या यू-टर्न माना जा रहा है।
लंबा युद्ध टालने की रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों का मानना है कि अगर होर्मुज को बलपूर्वक खुलवाने की कोशिश की गई, तो संघर्ष लंबा खिंच सकता है। इसी वजह से वर्तमान रणनीति में सैन्य दबाव बनाए रखते हुए धीरे-धीरे ऑपरेशन को समाप्त करने पर जोर दिया जा रहा है।

अमेरिका की यह संभावित रणनीति मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन और वैश्विक ऊर्जा राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है। आने वाले हफ्तों में ट्रंप प्रशासन के फैसले पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।