8 साल से बंद केशकाल बाईपास को चालू करवाने विधायक टेकाम ने 7 किमी पैदल चल किया निरीक्षण

एनएच के अफसरों को दिए निर्देश छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 8 जून।आठ वर्षों से बंद पड़े केशकाल बायपास मार्ग में अब एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू होने की आस जगी है। शुक्रवार को विधायक टेकाम ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों व भाजपा नेताओं के साथ बायपास मार्ग की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। चूंकि उक्त मार्ग में कई जगहों पर मिट्टी कट गई है, ऐसे में चारपहिया वाहनों का पार होना संभव नहीं था। जिसके चलते चिलचिलाती धूप में विधायक टेकाम ने लगभग 6-7 किलोमीटर पैदल ही चलकर बायपास मार्ग की भौगोलिक स्थिति को समझा। साथ ही जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक रूपरेखा भी बनाई। 5 साल तक कांग्रेस ने नहीं दिया ध्यान इस सम्बंध में विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि केशकाल घाट की सडक़ मध्य भारत को दक्षिण भारत से जोडऩे वाली एकमात्र सडक़ है। ऐसे में केशकाल बायपास का निर्माण होना अति आवश्यक है। पिछले 5 वर्ष कांग्रेस की सरकार ने इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमने यह संकल्प किया है कि शीघ्रातिशीघ्र बायपास का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। आज मैंने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्ययोजना बनाई जा रही है। अंतरराज्यीय मार्ग होने के चलते केशकाल बाईपास होना अति आवश्यक भाजपा नेता राजकिशोर राठी एवं भूपेश चंद्राकर ने बताया कि व्यापार के दृष्टिकोण से भी केशकाल बाईपास मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। घाटी में जाम लगने के कारण बस्तर संभाग के व्यापार व ट्रांसपोर्ट से जुड़े कार्य काफी प्रभावित होते हंै। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरा बस्तर रायपुर पर निर्भर है, लेकिन खराब सडक़ व जाम के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए बायपास का काम जल्द ही शुरू होना चाहिए।

8 साल से बंद केशकाल बाईपास को चालू करवाने विधायक टेकाम ने 7 किमी पैदल चल किया निरीक्षण
एनएच के अफसरों को दिए निर्देश छत्तीसगढ़ संवाददाता केशकाल, 8 जून।आठ वर्षों से बंद पड़े केशकाल बायपास मार्ग में अब एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू होने की आस जगी है। शुक्रवार को विधायक टेकाम ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों व भाजपा नेताओं के साथ बायपास मार्ग की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। चूंकि उक्त मार्ग में कई जगहों पर मिट्टी कट गई है, ऐसे में चारपहिया वाहनों का पार होना संभव नहीं था। जिसके चलते चिलचिलाती धूप में विधायक टेकाम ने लगभग 6-7 किलोमीटर पैदल ही चलकर बायपास मार्ग की भौगोलिक स्थिति को समझा। साथ ही जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक रूपरेखा भी बनाई। 5 साल तक कांग्रेस ने नहीं दिया ध्यान इस सम्बंध में विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि केशकाल घाट की सडक़ मध्य भारत को दक्षिण भारत से जोडऩे वाली एकमात्र सडक़ है। ऐसे में केशकाल बायपास का निर्माण होना अति आवश्यक है। पिछले 5 वर्ष कांग्रेस की सरकार ने इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमने यह संकल्प किया है कि शीघ्रातिशीघ्र बायपास का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। आज मैंने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्ययोजना बनाई जा रही है। अंतरराज्यीय मार्ग होने के चलते केशकाल बाईपास होना अति आवश्यक भाजपा नेता राजकिशोर राठी एवं भूपेश चंद्राकर ने बताया कि व्यापार के दृष्टिकोण से भी केशकाल बाईपास मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। घाटी में जाम लगने के कारण बस्तर संभाग के व्यापार व ट्रांसपोर्ट से जुड़े कार्य काफी प्रभावित होते हंै। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरा बस्तर रायपुर पर निर्भर है, लेकिन खराब सडक़ व जाम के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए बायपास का काम जल्द ही शुरू होना चाहिए।