भिंड में शारदीय नवरात्र उत्सव:पंडालों में सुबह होती है देवी की मंगला आरती, रात में भजन-कीर्तन; दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु

नवरात्रि का आज छठवां दिन है। आज भगवती कात्यायनी की पूजा अर्चना की जा रही है। पिछले 6 दिनों से भक्त देवी शक्ति की पूजा अर्चना में लगे हुए हैं। भिंड शहर के हर गली मोहल्ले और चौराहों में मां भगवती विराजी हैं। श्रद्धा के इस मेले में मां की भक्ति करने वाले श्रद्धालु घरों में घट स्थापना करके पूजा अर्चना कर रहे हैं। वहीं चौराहों पर जगह-जगह देवी पांडाल सजे हुए हैं। इन देवी पांडालों में सुबह से शाम तक पूजा अर्चना का सिलसिला चल रहा है। शहर में चारों ओर धार्मिक-आस्था का माहौल बना हुआ है। सुबह से लेकर देर रात तक लोग, पूजा अर्चना उपास कर रहे हैं। कुछ लोग देवी दर्शनों के लिए आसपास के प्रसिद्ध मंदिरों पर टोली के रूप में जा रहे हैं तो कुछ लोग भिंड शहर में जगह-जगह देवी की झाकियों के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के भव्य देवी पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए है। भिंड शहर जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिर भिंड जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में पावई वाली माता लहार में मंगला देवी मंदिर, दबोह कस्बे के नजदीक अंबाहा गांव में रणकौशला देवी मंदिर, रावतपुरा और दबोह के बीच स्थित पहूंज नदी की बीहड़ में मिहोनी वाली माता, गोहद कस्बे के नजदीक शीतला माता मंदिर, भिंड के इटावा रोड पर काली माता मंदिर, चरथर गांव में देवी मंदिर सहित कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा भिंड जिले के श्रद्धालु हर रोज बड़ी तादाद में दतिया स्थित मां पीतांबरा मंदिर दतिया जिले के जंगल में स्थित रतनगढ़ वाली माता मंदिर, और केला देवी राजस्थान के लिए जा रहे हैं। कुछ श्रद्धालु ऐसे हैं कि देश के 51 शक्तिपीठ के भी दर्शन करने के लिए नवरात्रि में पहुंच रहे है। आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पांडाल जहां देवी मंदिरों की साज सज्जा कराई गई है। वहीं शहर के देवी पाडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां रंग बिरंगी रोशनी से देवी के पंडाल सजाए गए हैं। पंडालों में देवी का भोग और वस्त्र हर रोज श्रद्धालु लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में पांच सौ से अधिक देवी पंडाल सजे हुए हैं। देवी की पूजा अर्चना करने वाले मनीष सिंह कुशवाहा का कहना है कि पिछले पांच साल से शारदीय नवरात्र में उत्सव मना रहा हूं। उत्सव में हर साल मोहल्ले वासी बड़े उत्साह से भाग लेते हैं।

भिंड में शारदीय नवरात्र उत्सव:पंडालों में सुबह होती है देवी की मंगला आरती, रात में भजन-कीर्तन; दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
नवरात्रि का आज छठवां दिन है। आज भगवती कात्यायनी की पूजा अर्चना की जा रही है। पिछले 6 दिनों से भक्त देवी शक्ति की पूजा अर्चना में लगे हुए हैं। भिंड शहर के हर गली मोहल्ले और चौराहों में मां भगवती विराजी हैं। श्रद्धा के इस मेले में मां की भक्ति करने वाले श्रद्धालु घरों में घट स्थापना करके पूजा अर्चना कर रहे हैं। वहीं चौराहों पर जगह-जगह देवी पांडाल सजे हुए हैं। इन देवी पांडालों में सुबह से शाम तक पूजा अर्चना का सिलसिला चल रहा है। शहर में चारों ओर धार्मिक-आस्था का माहौल बना हुआ है। सुबह से लेकर देर रात तक लोग, पूजा अर्चना उपास कर रहे हैं। कुछ लोग देवी दर्शनों के लिए आसपास के प्रसिद्ध मंदिरों पर टोली के रूप में जा रहे हैं तो कुछ लोग भिंड शहर में जगह-जगह देवी की झाकियों के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के भव्य देवी पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए है। भिंड शहर जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिर भिंड जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में पावई वाली माता लहार में मंगला देवी मंदिर, दबोह कस्बे के नजदीक अंबाहा गांव में रणकौशला देवी मंदिर, रावतपुरा और दबोह के बीच स्थित पहूंज नदी की बीहड़ में मिहोनी वाली माता, गोहद कस्बे के नजदीक शीतला माता मंदिर, भिंड के इटावा रोड पर काली माता मंदिर, चरथर गांव में देवी मंदिर सहित कई प्रसिद्ध मंदिर है जहां पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा भिंड जिले के श्रद्धालु हर रोज बड़ी तादाद में दतिया स्थित मां पीतांबरा मंदिर दतिया जिले के जंगल में स्थित रतनगढ़ वाली माता मंदिर, और केला देवी राजस्थान के लिए जा रहे हैं। कुछ श्रद्धालु ऐसे हैं कि देश के 51 शक्तिपीठ के भी दर्शन करने के लिए नवरात्रि में पहुंच रहे है। आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पांडाल जहां देवी मंदिरों की साज सज्जा कराई गई है। वहीं शहर के देवी पाडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां रंग बिरंगी रोशनी से देवी के पंडाल सजाए गए हैं। पंडालों में देवी का भोग और वस्त्र हर रोज श्रद्धालु लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में पांच सौ से अधिक देवी पंडाल सजे हुए हैं। देवी की पूजा अर्चना करने वाले मनीष सिंह कुशवाहा का कहना है कि पिछले पांच साल से शारदीय नवरात्र में उत्सव मना रहा हूं। उत्सव में हर साल मोहल्ले वासी बड़े उत्साह से भाग लेते हैं।