महिला पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप:पन्नी बिनने वाली महिला ने सांसद को सुनाई पीड़ा, सांसद ने आईजी से की बात

पन्नी बिनने वाली महिला ने निंबोला थाने की एक महिला पुलिसकर्मी पर चोरी की शंका में मारपीट का आरोप लगाया। वह करीब 20 से अधिक महिलाओं को साथ रविवार दोपहर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के पास पहुंची। जहां सांसद को फोटो और वीडियो दिखाकर मारपीट का आरोप लगाया। सांसद ने तुरंत इंदौर आईजी से फोन पर बात की। इधर निंबोला थाना प्रभारी राहुल कामले ने मारपीट की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा पूछताछ के लिए एक गांव की 7-8 पन्नी बिनने वाली महिलाओं को थाने बुलाया गया था, लेकिन किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई। सांसद ने सभी को सस्पेंड करने की बात कही सांसद ने आईजी से फोन पर चर्चा के बाद मीडिया से कहा कि एक गांव से आज कुछ महिलाएं आई। उनके साथ हुई मारपीट की उनके फोटो देखने के बाद दिल दहल उठा। उन्होंने चोरी की है या चोरी का इल्जाम है, तो सजा देने का काम कोर्ट का है। आईजी को फोन लगाकर मामला संज्ञान में लाया है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो, मैं सीएम से भी बात करूंगा। सभी को सस्पेंड कराकर रहूंगा। हमारी सरकार माता, बहनों का सम्मान करती है। बराबरी देने का काम किया है। चोर भी है तो उसके साथ इस तरह का घटनाक्रम नहीं होना चाहिए। चोरी की है तो पुलिस एफआईआर दर्ज करे, मारपीट नहीं। इन्वेस्टिगेशन पूरा न हो इसलिए पूरा मामला क्रिएट किया- टीआई इसे लेकर निंबोला थान प्रभारी राहुल कामले कहा कि महिला झूठ बोल रही है। यह सब क्रिएट किया गया है। मेडिकल कराया गया था। चोरी का इन्वेस्टिगेशन पूरा नहीं हो, इसलिए पुलिस पर दबाव बनाना चाह रहे है। आप मारपीट का फोटो देखें। एक महिला पुलिसकर्मी ऐसे मार ही नहीं सकती, बेतुकी बातें हैं। इनका पन्नी बिनने का काम है। सोना, चांदी की चोरी की शंका में संदिग्धों के आधार पर पन्नी बिनने वाली 7-8 महिलाओं को थाने बुलाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि पूछताछ में एक महिला टूट भी गई थी। उसने सब बताना भी शुरू कर दिया था। हम गांव भी गए थे। वहां हमें गुमराह कर दिया गया, इसलिए घर से कुछ बरामद नहीं कर पाए। अब उन्होंने इसे दूसरा ही रूप दे दिया। ऐसे में पुलिस का मनोबल टूटता है। जो वह कह रही हैं वह वास्तविकता नहीं है।

महिला पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप:पन्नी बिनने वाली महिला ने सांसद को सुनाई पीड़ा, सांसद ने आईजी से की बात
पन्नी बिनने वाली महिला ने निंबोला थाने की एक महिला पुलिसकर्मी पर चोरी की शंका में मारपीट का आरोप लगाया। वह करीब 20 से अधिक महिलाओं को साथ रविवार दोपहर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के पास पहुंची। जहां सांसद को फोटो और वीडियो दिखाकर मारपीट का आरोप लगाया। सांसद ने तुरंत इंदौर आईजी से फोन पर बात की। इधर निंबोला थाना प्रभारी राहुल कामले ने मारपीट की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा पूछताछ के लिए एक गांव की 7-8 पन्नी बिनने वाली महिलाओं को थाने बुलाया गया था, लेकिन किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई। सांसद ने सभी को सस्पेंड करने की बात कही सांसद ने आईजी से फोन पर चर्चा के बाद मीडिया से कहा कि एक गांव से आज कुछ महिलाएं आई। उनके साथ हुई मारपीट की उनके फोटो देखने के बाद दिल दहल उठा। उन्होंने चोरी की है या चोरी का इल्जाम है, तो सजा देने का काम कोर्ट का है। आईजी को फोन लगाकर मामला संज्ञान में लाया है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो, मैं सीएम से भी बात करूंगा। सभी को सस्पेंड कराकर रहूंगा। हमारी सरकार माता, बहनों का सम्मान करती है। बराबरी देने का काम किया है। चोर भी है तो उसके साथ इस तरह का घटनाक्रम नहीं होना चाहिए। चोरी की है तो पुलिस एफआईआर दर्ज करे, मारपीट नहीं। इन्वेस्टिगेशन पूरा न हो इसलिए पूरा मामला क्रिएट किया- टीआई इसे लेकर निंबोला थान प्रभारी राहुल कामले कहा कि महिला झूठ बोल रही है। यह सब क्रिएट किया गया है। मेडिकल कराया गया था। चोरी का इन्वेस्टिगेशन पूरा नहीं हो, इसलिए पुलिस पर दबाव बनाना चाह रहे है। आप मारपीट का फोटो देखें। एक महिला पुलिसकर्मी ऐसे मार ही नहीं सकती, बेतुकी बातें हैं। इनका पन्नी बिनने का काम है। सोना, चांदी की चोरी की शंका में संदिग्धों के आधार पर पन्नी बिनने वाली 7-8 महिलाओं को थाने बुलाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि पूछताछ में एक महिला टूट भी गई थी। उसने सब बताना भी शुरू कर दिया था। हम गांव भी गए थे। वहां हमें गुमराह कर दिया गया, इसलिए घर से कुछ बरामद नहीं कर पाए। अब उन्होंने इसे दूसरा ही रूप दे दिया। ऐसे में पुलिस का मनोबल टूटता है। जो वह कह रही हैं वह वास्तविकता नहीं है।