अधूरे पुल से गिरा ई-रिक्शा, एक गंभीर इंदौर रेफर:प्याज के कट्टे लादकर मंडी जा रहा था; खंडवा-कालमुखी हाईवे पर हादसा
अधूरे पुल से गिरा ई-रिक्शा, एक गंभीर इंदौर रेफर:प्याज के कट्टे लादकर मंडी जा रहा था; खंडवा-कालमुखी हाईवे पर हादसा
खंडवा में एक ई-रिक्शा हाईवे पर अधूरे पुल से नदी में गिरकर पलटी खा गया। पुल के सरियों में फंसने से रिक्शा मालिक बच गया। वहीं रिक्शा चला रहे एक मजदूर की दबने की वजह से गंभीर चोटें आई हैं। जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया है। घटना खंडवा-कालमुखी हाईवे पर सिर्रा गांव के पास की है। ग्रामीणों के मुताबिक, रिक्शा मालिक घनश्याम पाठक और ड्राइवर राजू गुर्जर दोनों सिर्रा गांव के हैं। ई-रिक्शा में खंडवा स्थित सब्जी मंडी ले जाने के लिए प्याज के कट्टे लाद रखें थे। रिक्शा मालिक ने खुद ड्राइविंग ना करते हुए प्याज ले जाने वाले राजू गुर्जर को रिक्शा चलाने के लिए दे दिया। सुबह 5 बजे के करीब घर से रवाना हुए थे कि गांव के बाहर पुल के पास हादसा हो गया है। डॉक्टरों ने इंदौर रेफर किया
घनश्याम को हल्की चोटें आई हैं, जो कि अधूरे पुल के सरियों में अटककर ऊपर ही रह गया। जबकि ड्राइवर राजू रिक्शा के साथ पुल में गिर गया। वह प्याज के कट्टों में दब गया। हादसे के करीब आधे घंटे बाद लोगों को जानकारी लगी। उन्होंने राजू को निकालकर जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने चेकअप कर उसे इंदौर रेफर कर दिया। राजू की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। 7 साल से रोड बना रही गुजरात की कंपनी, अधूरा छोड़ दिया पुल
सिर्रा गांव में जिस पुल पर हादसा हुआ है, वह अधूरा है। ठेकेदार को ब्रिज बनाए करीब 5 साल हो गए हैं, लेकिन रेलिंग का निर्माण अभी तक नहीं किया है। सरियों को खुला छोड़ दिया है। गुजरात की आशीष इंफ्रा कंपनी इस हाईवे को बीते 7 साल से बना रही है। लेकिन आज तक अधूरा है। जानकार बताते है कि, खंडवा-कालमुखी हाईवे को इंजीनियरिंग मापदंडों के विपरीत बनाया गया है। जगह-जगह अंधे और खतरनाक मोड़ हैं। खंडवा से नागचून के बीच महज ढाई किलोमीटर में ही 68 स्पीड ब्रेकर हैं। अहमदपुर खैगांव में गांव के भीतर बने स्पीड ब्रेकर जानलेवा हैं।
खंडवा में एक ई-रिक्शा हाईवे पर अधूरे पुल से नदी में गिरकर पलटी खा गया। पुल के सरियों में फंसने से रिक्शा मालिक बच गया। वहीं रिक्शा चला रहे एक मजदूर की दबने की वजह से गंभीर चोटें आई हैं। जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया है। घटना खंडवा-कालमुखी हाईवे पर सिर्रा गांव के पास की है। ग्रामीणों के मुताबिक, रिक्शा मालिक घनश्याम पाठक और ड्राइवर राजू गुर्जर दोनों सिर्रा गांव के हैं। ई-रिक्शा में खंडवा स्थित सब्जी मंडी ले जाने के लिए प्याज के कट्टे लाद रखें थे। रिक्शा मालिक ने खुद ड्राइविंग ना करते हुए प्याज ले जाने वाले राजू गुर्जर को रिक्शा चलाने के लिए दे दिया। सुबह 5 बजे के करीब घर से रवाना हुए थे कि गांव के बाहर पुल के पास हादसा हो गया है। डॉक्टरों ने इंदौर रेफर किया
घनश्याम को हल्की चोटें आई हैं, जो कि अधूरे पुल के सरियों में अटककर ऊपर ही रह गया। जबकि ड्राइवर राजू रिक्शा के साथ पुल में गिर गया। वह प्याज के कट्टों में दब गया। हादसे के करीब आधे घंटे बाद लोगों को जानकारी लगी। उन्होंने राजू को निकालकर जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने चेकअप कर उसे इंदौर रेफर कर दिया। राजू की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। 7 साल से रोड बना रही गुजरात की कंपनी, अधूरा छोड़ दिया पुल
सिर्रा गांव में जिस पुल पर हादसा हुआ है, वह अधूरा है। ठेकेदार को ब्रिज बनाए करीब 5 साल हो गए हैं, लेकिन रेलिंग का निर्माण अभी तक नहीं किया है। सरियों को खुला छोड़ दिया है। गुजरात की आशीष इंफ्रा कंपनी इस हाईवे को बीते 7 साल से बना रही है। लेकिन आज तक अधूरा है। जानकार बताते है कि, खंडवा-कालमुखी हाईवे को इंजीनियरिंग मापदंडों के विपरीत बनाया गया है। जगह-जगह अंधे और खतरनाक मोड़ हैं। खंडवा से नागचून के बीच महज ढाई किलोमीटर में ही 68 स्पीड ब्रेकर हैं। अहमदपुर खैगांव में गांव के भीतर बने स्पीड ब्रेकर जानलेवा हैं।