इंदौर में ठंडी हवाओं से सिरहन:पहली बार दिन का पारा 30 डिग्री से कम, रात में भी ठण्ड का अहसास
इंदौर में ठंडी हवाओं से सिरहन:पहली बार दिन का पारा 30 डिग्री से कम, रात में भी ठण्ड का अहसास
इंदौर में पिछले 24 घंटों में ठण्ड का असर दिखने लगा है। दिन का तापमान इस सीजन में पहली बार 30 डिग्री से कम रिकॉर्ड हुआ। हल्की ठण्डी हवाओं से सिरहन है, जबकि रात का तापमान भी चार दिनों से 15 डिग्री सेल्सियस के करीब है। इससे रात को भी ठण्ड का हल्का अहसास है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 20 नवंबर के बाद इंदौर में ठण्ड का असर बढ़ेगा। इस दौरान रात का तापमान 12 से 13 डिग्री तक जा सकता है। दरअसल अभी हवा की दिशा पूर्वी बनी हुई है, इससे सर्दी कम महसूस हो रही है। यही कारण है कि रात का तापमान चार दिनों से एक जैसा बना हुआ है। हवा की दिशा उत्तरी होने पर इसमें 3-4 डिग्री की गिरावट आ जाएगी। नवंबर जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, सर्दी का दायरा भी बढ़ता चला जाएगा। फिलहाल अंधेरा होते ही ठंडापन तो महसूस हो रहा है लेकिन सर्दी जोरदार नहीं है। कई दिनों से पहाड़ों में जेटस्ट्रीम हवाएं चलने और वेस्टर्न डिस्टबेंस के कारण इंदौर में तापमान हल्का कम हुआ है। इसकी वजह उत्तर-पूर्वी हवाओं का असर कम होना है। इस वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिला है, जो अगले कुछ दिन और बना रहेगा। अभी पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेटस्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। वहीं, दक्षिणी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। अभी हवाएं तो आ रही हैं लेकिन उनकी रफ्तार कम है इसलिए सर्दी तेज नहीं है। इंदौर में सोमवार सुबह से मौसम साफ है। सुबह दृश्यता 1800 मीटर की थी जबकि हवा की गति 17 किमी प्रति घंटा थी जिससे सुबह 9.30 बजे तक हल्की ठण्डक थी। इसके बाद तेज धूप होने के कारण ठण्ड का असर खत्म हो गया। इंदौर में ठंड का असर इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर तीसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। हालांकि, 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है अब जाने प्रदेश के मौसम का हाल सर्द हवाएं चलने से मध्यप्रदेश में ठंड का असर है। इस वजह से अब स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। भोपाल में कई प्राइवेट स्कूलों ने 30 मिनट तक टाइमिंग बढ़ा दी है। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन में भी समय बदलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 20 नवंबर के बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा। पहाड़ों में जेटस्ट्रीम हवाएं चलने और वेस्टर्न डिस्टबेंस (पश्चिम विक्षोभ) की वजह से पिछले एक सप्ताह से कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर लुढ़का है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तापमान सामान्य से 2 डिग्री तक कम है। वहीं, ग्वालियर-इंदौर में सामान्य के बराबर है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन-चार दिनों में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर ज्यादा बढ़ा रहेगा। भोपाल के इन स्कूलों में अब यह टाइमिंग भोपाल के कोलार, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स स्थित सेंट जोसेफ स्कूल ने अपनी टाइमिंग बढ़ा दी है। जो स्कूल सुबह 7.30 बजे शुरू होते थे, वह आज से सुबह 8 बजे लगना शुरू हो गए हैं। सेज इंटरनेशनल स्कूल ने एक हफ्ते पहले ही समय में बदलाव कर दिया था। अन्य स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, भोपाल में 13.2 डिग्री रहा पारा पचमढ़ी में रविवार-सोमवार की रात तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल में 13.2 डिग्री, इंदौर में 15.7 डिग्री, ग्वालियर में 16.2 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल और जबलपुर में पारा सामान्य से नीचे रहा। इसी तरह छिंदवाड़ा में 12.6 डिग्री, मंडला में 10.2 डिग्री, नौगांव में 12.2 डिग्री, रीवा में 12.6 डिग्री, उमरिया में 11.6 डिग्री और बालाघाट में 11.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पूरे नवंबर सबसे ठंडा पचमढ़ी पचमढ़ी पहाड़ और हरियाली से घिरा है। इस वजह से यहां दिन-रात दोनों ही सबसे ठंडे हैं। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। शनिवार-रविवार की रात में पारा 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में एक सप्ताह में 3 बार पारा 10 डिग्री के नीचे रहा है। 10 साल से ऐसा ही मौसम नवंबर में पिछले 10 साल जैसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दिन गर्म है और रातें ठंडी। हालांकि, 15-16 नवंबर से पारे में ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। 20 से 25 नवंबर के बीच कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 10 डिग्री के नीचे पहुंच जाता है। आगे ऐसा रहेगा मौसम
इंदौर में पिछले 24 घंटों में ठण्ड का असर दिखने लगा है। दिन का तापमान इस सीजन में पहली बार 30 डिग्री से कम रिकॉर्ड हुआ। हल्की ठण्डी हवाओं से सिरहन है, जबकि रात का तापमान भी चार दिनों से 15 डिग्री सेल्सियस के करीब है। इससे रात को भी ठण्ड का हल्का अहसास है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 20 नवंबर के बाद इंदौर में ठण्ड का असर बढ़ेगा। इस दौरान रात का तापमान 12 से 13 डिग्री तक जा सकता है। दरअसल अभी हवा की दिशा पूर्वी बनी हुई है, इससे सर्दी कम महसूस हो रही है। यही कारण है कि रात का तापमान चार दिनों से एक जैसा बना हुआ है। हवा की दिशा उत्तरी होने पर इसमें 3-4 डिग्री की गिरावट आ जाएगी। नवंबर जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, सर्दी का दायरा भी बढ़ता चला जाएगा। फिलहाल अंधेरा होते ही ठंडापन तो महसूस हो रहा है लेकिन सर्दी जोरदार नहीं है। कई दिनों से पहाड़ों में जेटस्ट्रीम हवाएं चलने और वेस्टर्न डिस्टबेंस के कारण इंदौर में तापमान हल्का कम हुआ है। इसकी वजह उत्तर-पूर्वी हवाओं का असर कम होना है। इस वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिला है, जो अगले कुछ दिन और बना रहेगा। अभी पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेटस्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। वहीं, दक्षिणी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। अभी हवाएं तो आ रही हैं लेकिन उनकी रफ्तार कम है इसलिए सर्दी तेज नहीं है। इंदौर में सोमवार सुबह से मौसम साफ है। सुबह दृश्यता 1800 मीटर की थी जबकि हवा की गति 17 किमी प्रति घंटा थी जिससे सुबह 9.30 बजे तक हल्की ठण्डक थी। इसके बाद तेज धूप होने के कारण ठण्ड का असर खत्म हो गया। इंदौर में ठंड का असर इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर तीसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। हालांकि, 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है अब जाने प्रदेश के मौसम का हाल सर्द हवाएं चलने से मध्यप्रदेश में ठंड का असर है। इस वजह से अब स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। भोपाल में कई प्राइवेट स्कूलों ने 30 मिनट तक टाइमिंग बढ़ा दी है। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन में भी समय बदलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 20 नवंबर के बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा। पहाड़ों में जेटस्ट्रीम हवाएं चलने और वेस्टर्न डिस्टबेंस (पश्चिम विक्षोभ) की वजह से पिछले एक सप्ताह से कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर लुढ़का है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तापमान सामान्य से 2 डिग्री तक कम है। वहीं, ग्वालियर-इंदौर में सामान्य के बराबर है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन-चार दिनों में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर ज्यादा बढ़ा रहेगा। भोपाल के इन स्कूलों में अब यह टाइमिंग भोपाल के कोलार, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स स्थित सेंट जोसेफ स्कूल ने अपनी टाइमिंग बढ़ा दी है। जो स्कूल सुबह 7.30 बजे शुरू होते थे, वह आज से सुबह 8 बजे लगना शुरू हो गए हैं। सेज इंटरनेशनल स्कूल ने एक हफ्ते पहले ही समय में बदलाव कर दिया था। अन्य स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, भोपाल में 13.2 डिग्री रहा पारा पचमढ़ी में रविवार-सोमवार की रात तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल में 13.2 डिग्री, इंदौर में 15.7 डिग्री, ग्वालियर में 16.2 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल और जबलपुर में पारा सामान्य से नीचे रहा। इसी तरह छिंदवाड़ा में 12.6 डिग्री, मंडला में 10.2 डिग्री, नौगांव में 12.2 डिग्री, रीवा में 12.6 डिग्री, उमरिया में 11.6 डिग्री और बालाघाट में 11.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पूरे नवंबर सबसे ठंडा पचमढ़ी पचमढ़ी पहाड़ और हरियाली से घिरा है। इस वजह से यहां दिन-रात दोनों ही सबसे ठंडे हैं। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। शनिवार-रविवार की रात में पारा 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में एक सप्ताह में 3 बार पारा 10 डिग्री के नीचे रहा है। 10 साल से ऐसा ही मौसम नवंबर में पिछले 10 साल जैसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दिन गर्म है और रातें ठंडी। हालांकि, 15-16 नवंबर से पारे में ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। 20 से 25 नवंबर के बीच कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 10 डिग्री के नीचे पहुंच जाता है। आगे ऐसा रहेगा मौसम