डही सिविल अस्पताल में सुविधाओं का अभाव:ट्रांसफार्मर के अभाव में धूल खा रही डिजिटल एक्स-रे मशीन; मरीज परेशान
डही सिविल अस्पताल में सुविधाओं का अभाव:ट्रांसफार्मर के अभाव में धूल खा रही डिजिटल एक्स-रे मशीन; मरीज परेशान
धार जिले के तहसील मुख्यालय डही में 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के अभाव में मरीज परेशान हो रहे है। यहां सुविधा के लिए नाम मात्र लैब, नर्सेस के भरोसे लेबर रूम, प्राथमिक उपचार के लिए ड्रेसंग रूम और औपचारिकता के लिए मैन्युअल ऐक्सरे रूम मौजूद है। वहीं ट्रांसफॉर्मर के अभाव में डिजिटल एक्स-रे मशीन यहां एक साल से धूल खा रही है। 62 गांवों की आबादी केन्द्र पर निर्भर डही ब्लॉक के 62 गांवों की करीब सवा लाख आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। यहां प्रतिदिन ओपीडी में 150 से 200 मरीज आते है, किन्तु कोई महिला चिकित्सक, एमडी ओर कोई सर्जन डाॅक्टर भी नही है। इतने बड़े आदिवासी अंचल वाले क्षेत्र में मात्र 7 में से 6 नर्सेस, बांड पर एक वर्ष के लिए महिला चिकित्सक और बीएमओ सहित चार एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थ है। बीएमओ मीटिंग और बैठक में अधिकतर व्यस्त रहते है। लोगों को होती है परेशानी नगरवासियों का कहना है, कि यहां के तीस बेड अस्पताल में महिला चिकित्सक और डिजीटल एक्सरे की बहुत ही जरूरत है। जिससे आमजन की समस्या कम होने के साथ आर्थिक हानि होने से भी बचा जा सकता है व समय की भी बचत होगी। डिजीटल एक्स-रे मशीन लगे को एक साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन बिजली ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण यह बंद पड़ी हुई है। डिजीटल एक्स-रे लिए जनता आए दिन परेशान देखी जाती है। उन्हें 45 किमी की दूरी पर एक्स-रे करवाने जाना पड़ता है। जिससे गरीब जनता को जबरन का आर्थिक भार झेलना पड़ता है। मामले में बीएमओ डॉ. विजय अहरवाल ने बताया- हमने कई बार हमारे वरिष्ठ कार्यालय में इसकी जानकारी दी है। लेकिन, अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। एक बार इसी लाइन में टेस्टिंग भी की थी, लेकिन पूरे कैंपस की लाइट फाल्ट हो गई थी।
धार जिले के तहसील मुख्यालय डही में 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के अभाव में मरीज परेशान हो रहे है। यहां सुविधा के लिए नाम मात्र लैब, नर्सेस के भरोसे लेबर रूम, प्राथमिक उपचार के लिए ड्रेसंग रूम और औपचारिकता के लिए मैन्युअल ऐक्सरे रूम मौजूद है। वहीं ट्रांसफॉर्मर के अभाव में डिजिटल एक्स-रे मशीन यहां एक साल से धूल खा रही है। 62 गांवों की आबादी केन्द्र पर निर्भर डही ब्लॉक के 62 गांवों की करीब सवा लाख आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। यहां प्रतिदिन ओपीडी में 150 से 200 मरीज आते है, किन्तु कोई महिला चिकित्सक, एमडी ओर कोई सर्जन डाॅक्टर भी नही है। इतने बड़े आदिवासी अंचल वाले क्षेत्र में मात्र 7 में से 6 नर्सेस, बांड पर एक वर्ष के लिए महिला चिकित्सक और बीएमओ सहित चार एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थ है। बीएमओ मीटिंग और बैठक में अधिकतर व्यस्त रहते है। लोगों को होती है परेशानी नगरवासियों का कहना है, कि यहां के तीस बेड अस्पताल में महिला चिकित्सक और डिजीटल एक्सरे की बहुत ही जरूरत है। जिससे आमजन की समस्या कम होने के साथ आर्थिक हानि होने से भी बचा जा सकता है व समय की भी बचत होगी। डिजीटल एक्स-रे मशीन लगे को एक साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन बिजली ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण यह बंद पड़ी हुई है। डिजीटल एक्स-रे लिए जनता आए दिन परेशान देखी जाती है। उन्हें 45 किमी की दूरी पर एक्स-रे करवाने जाना पड़ता है। जिससे गरीब जनता को जबरन का आर्थिक भार झेलना पड़ता है। मामले में बीएमओ डॉ. विजय अहरवाल ने बताया- हमने कई बार हमारे वरिष्ठ कार्यालय में इसकी जानकारी दी है। लेकिन, अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। एक बार इसी लाइन में टेस्टिंग भी की थी, लेकिन पूरे कैंपस की लाइट फाल्ट हो गई थी।