नप बड़ागांव में सीएमओ के खिलाफ धरने पर बैठे पार्षद:सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने चाहते हैं पार्षद

जिले के नगर परिषद बड़ागांव धसान में मंगलवार देर रात नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी 15 पार्षद सीएमओ के खिलाफ धरने पर बैठ गए। सभी पार्षद सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव डाले जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सीएमओ ज्योति सुनहरे निंदा प्रस्ताव को बैठक की कार्रवाई में शामिल नहीं कर रही थी। इसी बात से नाराज होकर सभी15 पार्षद दफ्तर के बाहर रजाई गद्दा लेकर धरना देकर बैठ गए। दरअसल, मंगलवार को दोपहर में परिषद की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जानी थी। बैठक के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष भारती प्रजापति सहित पार्षदों ने सीएमओ ज्योति सुनहरे पर नगर में जनहित के कार्य नहीं किए जाने का आरोप लगाए। साथ ही आवेदन पत्र लिखकर सीएमओ के खिलाफ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदों ने सामूहिक रूप से निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए आवेदन सौंपा, लेकिन सीएमओ ने प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया। इस दौरान बैठक में विवाद की स्थिति बनी रही। बैठक में शाम तक निंदा प्रस्ताव को लेकर विरोधाभास चलता रहा। जब निंदा प्रस्ताव पास नहीं हुआ तो रात में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षद नगर परिषद कार्यालय के बाहर आकर बैठ गए। परिषद के बाहर देर रात तक बैठे रहे पार्षद सीएमओ ज्योति सुनहरे के विरोध में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी पार्षद रात 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। कार्यालय के बाहर बैठे जन प्रतिनिधियों का कहना था कि जब तक सीएमओ को परिषद से हटाया नहीं जाएगा, तब तक हम नहीं उठेंगे। आज एक बार फिर मामला गरमाने की उम्मीद है।

नप बड़ागांव में सीएमओ के खिलाफ धरने पर बैठे पार्षद:सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने चाहते हैं पार्षद
जिले के नगर परिषद बड़ागांव धसान में मंगलवार देर रात नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी 15 पार्षद सीएमओ के खिलाफ धरने पर बैठ गए। सभी पार्षद सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव डाले जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सीएमओ ज्योति सुनहरे निंदा प्रस्ताव को बैठक की कार्रवाई में शामिल नहीं कर रही थी। इसी बात से नाराज होकर सभी15 पार्षद दफ्तर के बाहर रजाई गद्दा लेकर धरना देकर बैठ गए। दरअसल, मंगलवार को दोपहर में परिषद की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जानी थी। बैठक के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष भारती प्रजापति सहित पार्षदों ने सीएमओ ज्योति सुनहरे पर नगर में जनहित के कार्य नहीं किए जाने का आरोप लगाए। साथ ही आवेदन पत्र लिखकर सीएमओ के खिलाफ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदों ने सामूहिक रूप से निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए आवेदन सौंपा, लेकिन सीएमओ ने प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया। इस दौरान बैठक में विवाद की स्थिति बनी रही। बैठक में शाम तक निंदा प्रस्ताव को लेकर विरोधाभास चलता रहा। जब निंदा प्रस्ताव पास नहीं हुआ तो रात में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षद नगर परिषद कार्यालय के बाहर आकर बैठ गए। परिषद के बाहर देर रात तक बैठे रहे पार्षद सीएमओ ज्योति सुनहरे के विरोध में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी पार्षद रात 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। कार्यालय के बाहर बैठे जन प्रतिनिधियों का कहना था कि जब तक सीएमओ को परिषद से हटाया नहीं जाएगा, तब तक हम नहीं उठेंगे। आज एक बार फिर मामला गरमाने की उम्मीद है।