स्कूल के मैदान को बनाया मैरिज गार्डन:तहसीलदार ने निरीक्षण कर कलेक्टर को दी रिपोर्ट; डायवर्सन शुल्क नहीं देने पर गार्डन सील
स्कूल के मैदान को बनाया मैरिज गार्डन:तहसीलदार ने निरीक्षण कर कलेक्टर को दी रिपोर्ट; डायवर्सन शुल्क नहीं देने पर गार्डन सील
भिंड जिला प्रशासन ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर चल रहे मैरिज गार्डन्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदारों की टीमों ने मैरिज गार्डन का निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खासकर लहार क्षेत्र में डीपीपीएस स्कूल के खेल मैदान को अवैध रूप से मैरिज गार्डन में बदल दिया गया। स्टैंड पर फूड स्टॉल लहार तहसीलदार राजकुमार नागोरिया द्वारा कलेक्टर कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि लहार कस्बे के दबोह रोड स्थित डीपीपीएस स्कूल का खेल मैदान अब मैरिज गार्डन के रूप में उपयोग हो रहा है। स्कूल के बच्चों के खेल मैदान पर शादी समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। साइकिल स्टैंड की जगह पर खाने-पीने के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। स्कूल के कार्यक्रमों के लिए तैयार किए गए मंच पर शादी की स्टेज बनाई जा रही है। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि यहां स्कूल और गार्डन दोनों के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। डायवर्सन शुल्क नहीं जमा, गार्डन सील किए गए बरहा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन को डायवर्सन शुल्क पिछले 5 साल से जमा न करने पर सील कर दिया गया। राधेश्याम गार्डन को सील किए जाने के बावजूद संचालकों ने गेट से सील फाड़ दी। तहसीलदार नागोरिया ने बताया कि अधिकांश गार्डन नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। इन गार्डनों के पास न नगर पालिका से अनुमति है और न ही तहसील कार्यालय से। पार्किंग का अभाव, जाम की समस्या शहर में अधिकांश मैरिज गार्डन गलियों और मोहल्लों में बने हैं, जहां पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं है। समारोह के दौरान वाहन सड़कों पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। प्रशासन ने इन गार्डनों को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कड़ी कार्रवाई के संकेत तहसीलदार नागोरिया ने कहा कि गार्डनों के संचालन में अनियमितता और स्कूल के खेल मैदान के दुरुपयोग को लेकर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध संचालन रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
भिंड जिला प्रशासन ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर चल रहे मैरिज गार्डन्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदारों की टीमों ने मैरिज गार्डन का निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खासकर लहार क्षेत्र में डीपीपीएस स्कूल के खेल मैदान को अवैध रूप से मैरिज गार्डन में बदल दिया गया। स्टैंड पर फूड स्टॉल लहार तहसीलदार राजकुमार नागोरिया द्वारा कलेक्टर कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि लहार कस्बे के दबोह रोड स्थित डीपीपीएस स्कूल का खेल मैदान अब मैरिज गार्डन के रूप में उपयोग हो रहा है। स्कूल के बच्चों के खेल मैदान पर शादी समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। साइकिल स्टैंड की जगह पर खाने-पीने के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। स्कूल के कार्यक्रमों के लिए तैयार किए गए मंच पर शादी की स्टेज बनाई जा रही है। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि यहां स्कूल और गार्डन दोनों के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। डायवर्सन शुल्क नहीं जमा, गार्डन सील किए गए बरहा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन को डायवर्सन शुल्क पिछले 5 साल से जमा न करने पर सील कर दिया गया। राधेश्याम गार्डन को सील किए जाने के बावजूद संचालकों ने गेट से सील फाड़ दी। तहसीलदार नागोरिया ने बताया कि अधिकांश गार्डन नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। इन गार्डनों के पास न नगर पालिका से अनुमति है और न ही तहसील कार्यालय से। पार्किंग का अभाव, जाम की समस्या शहर में अधिकांश मैरिज गार्डन गलियों और मोहल्लों में बने हैं, जहां पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं है। समारोह के दौरान वाहन सड़कों पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। प्रशासन ने इन गार्डनों को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कड़ी कार्रवाई के संकेत तहसीलदार नागोरिया ने कहा कि गार्डनों के संचालन में अनियमितता और स्कूल के खेल मैदान के दुरुपयोग को लेकर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध संचालन रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।