मुरैना में आज शाम बारिश की संभावना:19 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम पारा, न्यूनतम पारे में आई एक डिग्री की कमी
मुरैना में आज शाम बारिश की संभावना:19 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम पारा, न्यूनतम पारे में आई एक डिग्री की कमी
मुरैना में आज बारिश की संभावना के बीच रात के पारे में बढ़ोतरी हुई है। जिले में सुबह से ही कोहरा छाया रहा, जो धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। सर्दी में इजाफा होगा। लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी लेकिन फसल के लिए यह मौसम लाभदायक है। बता दें कि, मुरैना में सर्दी लगातार बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्व में इस बात की घोषणा कर दी थी की मकर संक्रांति के बाद ठंड में बढ़ोतरी होगी। मकर संक्रांति के बाद बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया। अलसुबह कोहरा छाया रहा। रात के तापमान में बढ़ोतरी बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि पिछले दो दिन से यथावत है। बुधवार को न्यूनतम तापमान पिछले दिनों के मुकाबले एक डिग्री कम हो गया है। इसकी वजह से रात की ठंड में इजाफा हो गया है। मौसम विज्ञान को की माने तो बुधवार की शाम को हल्की बारिश होगी। बारिश होने के कारण ठंड में इजाफा होगा। सरसों की फसल के लिए लाभदायक मौसम वैज्ञानिक हरविंदर सिंह कि माने तो कोहरे का यह मौसम सरसों की फसल के लिए बहुत लाभदायक है। अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो सब्जियों की फसल में किसानों को सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
मुरैना में आज बारिश की संभावना के बीच रात के पारे में बढ़ोतरी हुई है। जिले में सुबह से ही कोहरा छाया रहा, जो धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। सर्दी में इजाफा होगा। लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी लेकिन फसल के लिए यह मौसम लाभदायक है। बता दें कि, मुरैना में सर्दी लगातार बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्व में इस बात की घोषणा कर दी थी की मकर संक्रांति के बाद ठंड में बढ़ोतरी होगी। मकर संक्रांति के बाद बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया। अलसुबह कोहरा छाया रहा। रात के तापमान में बढ़ोतरी बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि पिछले दो दिन से यथावत है। बुधवार को न्यूनतम तापमान पिछले दिनों के मुकाबले एक डिग्री कम हो गया है। इसकी वजह से रात की ठंड में इजाफा हो गया है। मौसम विज्ञान को की माने तो बुधवार की शाम को हल्की बारिश होगी। बारिश होने के कारण ठंड में इजाफा होगा। सरसों की फसल के लिए लाभदायक मौसम वैज्ञानिक हरविंदर सिंह कि माने तो कोहरे का यह मौसम सरसों की फसल के लिए बहुत लाभदायक है। अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो सब्जियों की फसल में किसानों को सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।