गणेशोत्सव की शुरुआत आज से:100 से ज्यादा पंडाल और घरों में विराजे गणपति बप्पा, मिट्टी के गणेश को सबने सराहा
गणेशोत्सव की शुरुआत आज से:100 से ज्यादा पंडाल और घरों में विराजे गणपति बप्पा, मिट्टी के गणेश को सबने सराहा
नर्मदापुरम समेत देशभर में आज शनिवार से चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हुआ। सुबह से बाजार में गणेशोत्सव की धूम है। दुकानों पर लोग भगवान गणेश की प्रतिमा, डैकोरेशन, श्रृंगार का सामान खरीदने पहुंचे। घर-घर और कोचिंग, दफ्तरों में श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का ढोल बाजे पर नाचते हुए लोगों ने स्वागत किया।
शहर में 100 से अधिक जगह विराजित हुए गणपति
शहर में इस बार 100 से ज्यादा सार्वजनिक समिति, संगठन द्वारा गणेश प्रतिमाओं को विराजित किया गया है। बड़े पंडाल बनाए गए। 10 फीट ऊंची प्रतिमाएं भी विराजमान हुई है। कोठी बाजार में 10 फीट के त्रिमुख गणेश, कसेय बाजार में सिंहासन पर नर्मदापुरम के राजा, सरस्वती नगर में रसूलिया के बप्पा, जयस्तंभ चौक सहित पूरे शहर में भगवान गजानन की प्रतिमाएं स्थापित शाम तक होगी। सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति के युवा आदर्श करैया ने बताया सिंहासन पर नर्मदापुरम के राजा विराजमान होंगे। इस बार सभी घरों में और दुकानों के सामने विद्युत सजावट की जाएगी। कोठी बाजार में उत्सव गणेश समिति के तत्वावधान में 35वें साल में गणेशजी विराजमान हो रहे हैं। समिति के पदाधिकारी शिव कुमार सुल्लेरे ने बताया इस बार पंडाल में तीन मुख वाले गणेशजी विराजेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रिमुख गणेशजी तीन अवस्थाओं को दर्शाते हैं जिन्हें गुण कहा जाता है। तीन प्राथमिक गुण सूजन रजस, संरक्षण सत्व, तमस से जोड़ा जाता है। तीन मुख वाले श्रीगणेश मनुष्य के लोभ, ईष्या सहित अन्य मनोविकार को दूर के प्रतीक हैं। दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई प्रतिमा खरीदने पहुंचे कई लोग हर साल की तरह दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई मिट्टी की गणेश प्रतिमा लेने भी लोग बहुत पहुंचे। विवेकानंद घाट पर लगी दुकान पर जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत भी अपनी बिटिया के साथ मिट्टी के गणपति बप्पा को लेने पहुंचे।
नर्मदापुरम समेत देशभर में आज शनिवार से चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हुआ। सुबह से बाजार में गणेशोत्सव की धूम है। दुकानों पर लोग भगवान गणेश की प्रतिमा, डैकोरेशन, श्रृंगार का सामान खरीदने पहुंचे। घर-घर और कोचिंग, दफ्तरों में श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का ढोल बाजे पर नाचते हुए लोगों ने स्वागत किया।
शहर में 100 से अधिक जगह विराजित हुए गणपति
शहर में इस बार 100 से ज्यादा सार्वजनिक समिति, संगठन द्वारा गणेश प्रतिमाओं को विराजित किया गया है। बड़े पंडाल बनाए गए। 10 फीट ऊंची प्रतिमाएं भी विराजमान हुई है। कोठी बाजार में 10 फीट के त्रिमुख गणेश, कसेय बाजार में सिंहासन पर नर्मदापुरम के राजा, सरस्वती नगर में रसूलिया के बप्पा, जयस्तंभ चौक सहित पूरे शहर में भगवान गजानन की प्रतिमाएं स्थापित शाम तक होगी। सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति के युवा आदर्श करैया ने बताया सिंहासन पर नर्मदापुरम के राजा विराजमान होंगे। इस बार सभी घरों में और दुकानों के सामने विद्युत सजावट की जाएगी। कोठी बाजार में उत्सव गणेश समिति के तत्वावधान में 35वें साल में गणेशजी विराजमान हो रहे हैं। समिति के पदाधिकारी शिव कुमार सुल्लेरे ने बताया इस बार पंडाल में तीन मुख वाले गणेशजी विराजेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रिमुख गणेशजी तीन अवस्थाओं को दर्शाते हैं जिन्हें गुण कहा जाता है। तीन प्राथमिक गुण सूजन रजस, संरक्षण सत्व, तमस से जोड़ा जाता है। तीन मुख वाले श्रीगणेश मनुष्य के लोभ, ईष्या सहित अन्य मनोविकार को दूर के प्रतीक हैं। दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई प्रतिमा खरीदने पहुंचे कई लोग हर साल की तरह दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई मिट्टी की गणेश प्रतिमा लेने भी लोग बहुत पहुंचे। विवेकानंद घाट पर लगी दुकान पर जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत भी अपनी बिटिया के साथ मिट्टी के गणपति बप्पा को लेने पहुंचे।