हत्या के बाद दोस्त से कहा- मेरी कैसेट उलझ गई:इंदौर के चर्चित राजकुमारी कटारिया हत्याकांड में उसी दोस्त के बयान ने दिलाई उम्रकैद
हत्या के बाद दोस्त से कहा- मेरी कैसेट उलझ गई:इंदौर के चर्चित राजकुमारी कटारिया हत्याकांड में उसी दोस्त के बयान ने दिलाई उम्रकैद
मेरी मदद करो, मेरी कैसेट उलझ गई है। मैंने एक महिला का मर्डर कर दिया है। वकील से बात करा दो। इंदौर के 9 साल पुराने चर्चित राजकुमारी कटारिया हत्याकांड के आरोपी सोनू सरकडे (41) ने वारदात के छह दिन बाद अपने दोस्त सुनील को फोन पर यह शब्द कहे थे। तब सुनील स्मृति टॉकीज में फिल्म देख रहा था। आरोपी को उम्रकैद दिलाने में दोस्त सुनील के बयान और सोनू के ही शर्ट के तीन बटन ने अहम भूमिका निभाई। दरअसल, 31 मई 2016 को बैकुंठधाम कॉलोनी में रहने वाले सराफा कारोबारी राजेंद्र कटारिया की पत्नी राजकुमारी कटारिया की सोनू सरकडे ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने वारदात के 9 दिन बाद आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। लूट के लिए हुई थी राजकुमारी की हत्या
राजकुमारी का शव पहली मंजिल पर बाथरूम के पास पड़ा था। शरीर पर गुप्ती से करीब 40 वार थे। जो सबूत मिले उससे पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या लूट की नीयत से की गई थी। आरोपी और राजकुमारी के बीच जमकर संघर्ष हुआ था, जिससे आरोपी के शर्ट के बटन टूटकर गिरे थे। मौके से पुलिस ने एक जैसे तीन बटन बरामद किए थे। इनमें धागे भी लगे हुए थे। परिचितों के लिए ही दरवाजा खोलती थी राजकुमारी
राजकुमारी के पति राजेंद्र ने पुलिस को बताया था कि घटना वाले दिन वे दोपहर में सराफा में थे। घर में अकेले होने पर राजकुमारी सिर्फ पहचानने वालों के लिए ही दरवाजा खोलती थी। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया कि किसी परिचित ने ही हत्या की है। हत्यारे को पता था कि दिन में राजकुमारी अकेली रहती है। उसे यह भी जानकारी थी कि राजकुमारी के पति सराफा कारोबारी हैं और उनके घर काफी पैसा है। सोनू का राजकुमारी के घर आना-जाना था
पुलिस ने परिवार के घर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी निकाली। यहीं से आरोपी सोनू का सुराग मिला। सोनू, राजकुमारी के घर से कुछ दूरी पर रहने वाले एक स्कूल संचालक के यहां काम करता था। वह राजकुमारी के घर आता-जाता था। उनके यहां प्लंबर सहित छोटे-मोटे काम कर देता था। राजकुमारी के पति की शर्ट पहनकर भागा आरोपी
जांच में पुलिस को पता चला कि सोनू घटना वाले दिन से ही गायब है। पुलिस उसके घर घनश्याम नगर पहुंची, लेकिन वो नहीं मिला। इस पर पुलिस का शक गहरा गया। उसे 8 जून 2016 को पुलिस ने अन्नपूर्णा दशहरा मैदान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सोनू ने बताया कि कटारिया परिवार से पहचान का फायदा उठाकर राजकुमारी के घर पर गया था। राजकुमारी ने जैसे ही दरवाजा खोला उसने गुप्ती से हमला कर दिया। हालांकि आपाधापी में वह कुछ लूट नहीं कर पाया। उसके शर्ट पर काफी खून लग गया था और बटन भी टूट गए थे। घटना के बाद सोनू राजकुमारी के पति की शर्ट ऊपर से पहनकर भाग गया। उस शर्ट को उसने 11 जून को लालबाग दरगाह के पास नाले में फेंक दी। उसने मोबाइल की सिम भी तोड़कर रतलाम के आगे फेंक दी थी। मोबाइल और पेंट घर में छिपा दिया। केस में 33 गवाह और 447 फिंगर प्रिंट्स लिए
सोनू पिछले 9 साल से जेल में ही है। 13 फरवरी को इंदौर जिला कोर्ट ने उसे लूट में 10 साल के सश्रम कारावास, हत्या में आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। ये सभी सजा साथ-साथ चलेंगी। केस में 33 गवाह थे। घटना के बाद कुल 447 फिंगर प्रिंट्स लिए गए थे। बटन और धागा सोनू के शर्ट का निकला
लोक अभियोजक गोकुलसिंह सिसोदिया के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के पास से जो शर्ट जब्त की थी, उस पर लगे खून की डीएनए प्रोफाइल की जांच हुई, जो राजकुमारी का निकला। आरोपी के फिंगर प्रिंट्स भी मैच हुए। नाले के पास से जो शर्ट जब्त की गई थी, उसे राजकुमारी के पति राजेंद्र कटारिया ने पहचान लिया। मामले में राजकुमारी के पति, बहन वैजयंती, रिश्तेदारों, नजदीकी लोगों, हाउस मेड, टैंकर चालक सहित कई लोगों के बयान हुए। इनके सहित कुल 447 फिंगर प्रिंट्स लिए गए थे। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. प्रशांत राजपूत ने मौत का कारण गुप्ती जैसे हथियार से हमला और ज्यादा खून बहना बताया। सभी साक्ष्य और तथ्यों को कोर्ट ने सही माना। इस चर्चित केस को राज्य शासन के निर्देशानुसार चिह्नित अपराध की श्रेणी में रखा गया था। ऐसे केस में कलेक्टर, एसपी और जिला अभियोजन अधिकारी की एक टीम होती है जो जघन्य अपराध की मॉनिटरिंग करती है।
मेरी मदद करो, मेरी कैसेट उलझ गई है। मैंने एक महिला का मर्डर कर दिया है। वकील से बात करा दो। इंदौर के 9 साल पुराने चर्चित राजकुमारी कटारिया हत्याकांड के आरोपी सोनू सरकडे (41) ने वारदात के छह दिन बाद अपने दोस्त सुनील को फोन पर यह शब्द कहे थे। तब सुनील स्मृति टॉकीज में फिल्म देख रहा था। आरोपी को उम्रकैद दिलाने में दोस्त सुनील के बयान और सोनू के ही शर्ट के तीन बटन ने अहम भूमिका निभाई। दरअसल, 31 मई 2016 को बैकुंठधाम कॉलोनी में रहने वाले सराफा कारोबारी राजेंद्र कटारिया की पत्नी राजकुमारी कटारिया की सोनू सरकडे ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने वारदात के 9 दिन बाद आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। लूट के लिए हुई थी राजकुमारी की हत्या
राजकुमारी का शव पहली मंजिल पर बाथरूम के पास पड़ा था। शरीर पर गुप्ती से करीब 40 वार थे। जो सबूत मिले उससे पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या लूट की नीयत से की गई थी। आरोपी और राजकुमारी के बीच जमकर संघर्ष हुआ था, जिससे आरोपी के शर्ट के बटन टूटकर गिरे थे। मौके से पुलिस ने एक जैसे तीन बटन बरामद किए थे। इनमें धागे भी लगे हुए थे। परिचितों के लिए ही दरवाजा खोलती थी राजकुमारी
राजकुमारी के पति राजेंद्र ने पुलिस को बताया था कि घटना वाले दिन वे दोपहर में सराफा में थे। घर में अकेले होने पर राजकुमारी सिर्फ पहचानने वालों के लिए ही दरवाजा खोलती थी। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया कि किसी परिचित ने ही हत्या की है। हत्यारे को पता था कि दिन में राजकुमारी अकेली रहती है। उसे यह भी जानकारी थी कि राजकुमारी के पति सराफा कारोबारी हैं और उनके घर काफी पैसा है। सोनू का राजकुमारी के घर आना-जाना था
पुलिस ने परिवार के घर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी निकाली। यहीं से आरोपी सोनू का सुराग मिला। सोनू, राजकुमारी के घर से कुछ दूरी पर रहने वाले एक स्कूल संचालक के यहां काम करता था। वह राजकुमारी के घर आता-जाता था। उनके यहां प्लंबर सहित छोटे-मोटे काम कर देता था। राजकुमारी के पति की शर्ट पहनकर भागा आरोपी
जांच में पुलिस को पता चला कि सोनू घटना वाले दिन से ही गायब है। पुलिस उसके घर घनश्याम नगर पहुंची, लेकिन वो नहीं मिला। इस पर पुलिस का शक गहरा गया। उसे 8 जून 2016 को पुलिस ने अन्नपूर्णा दशहरा मैदान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सोनू ने बताया कि कटारिया परिवार से पहचान का फायदा उठाकर राजकुमारी के घर पर गया था। राजकुमारी ने जैसे ही दरवाजा खोला उसने गुप्ती से हमला कर दिया। हालांकि आपाधापी में वह कुछ लूट नहीं कर पाया। उसके शर्ट पर काफी खून लग गया था और बटन भी टूट गए थे। घटना के बाद सोनू राजकुमारी के पति की शर्ट ऊपर से पहनकर भाग गया। उस शर्ट को उसने 11 जून को लालबाग दरगाह के पास नाले में फेंक दी। उसने मोबाइल की सिम भी तोड़कर रतलाम के आगे फेंक दी थी। मोबाइल और पेंट घर में छिपा दिया। केस में 33 गवाह और 447 फिंगर प्रिंट्स लिए
सोनू पिछले 9 साल से जेल में ही है। 13 फरवरी को इंदौर जिला कोर्ट ने उसे लूट में 10 साल के सश्रम कारावास, हत्या में आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। ये सभी सजा साथ-साथ चलेंगी। केस में 33 गवाह थे। घटना के बाद कुल 447 फिंगर प्रिंट्स लिए गए थे। बटन और धागा सोनू के शर्ट का निकला
लोक अभियोजक गोकुलसिंह सिसोदिया के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के पास से जो शर्ट जब्त की थी, उस पर लगे खून की डीएनए प्रोफाइल की जांच हुई, जो राजकुमारी का निकला। आरोपी के फिंगर प्रिंट्स भी मैच हुए। नाले के पास से जो शर्ट जब्त की गई थी, उसे राजकुमारी के पति राजेंद्र कटारिया ने पहचान लिया। मामले में राजकुमारी के पति, बहन वैजयंती, रिश्तेदारों, नजदीकी लोगों, हाउस मेड, टैंकर चालक सहित कई लोगों के बयान हुए। इनके सहित कुल 447 फिंगर प्रिंट्स लिए गए थे। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. प्रशांत राजपूत ने मौत का कारण गुप्ती जैसे हथियार से हमला और ज्यादा खून बहना बताया। सभी साक्ष्य और तथ्यों को कोर्ट ने सही माना। इस चर्चित केस को राज्य शासन के निर्देशानुसार चिह्नित अपराध की श्रेणी में रखा गया था। ऐसे केस में कलेक्टर, एसपी और जिला अभियोजन अधिकारी की एक टीम होती है जो जघन्य अपराध की मॉनिटरिंग करती है।