परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचे छात्रों का हंगामा:बड़वानी में 12वीं के 8 छात्रों को नहीं मिली एंट्री; 3-4 मिनट की देरी पर रोका
परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचे छात्रों का हंगामा:बड़वानी में 12वीं के 8 छात्रों को नहीं मिली एंट्री; 3-4 मिनट की देरी पर रोका
बड़वानी के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 में मंगलवार को 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई। इस दौरान कक्षा 12वीं के हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा में 8 छात्र-छात्राएं को 3-4 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के चलते अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए निर्धारित समय पर केंद्र का गेट बंद कर दिया गया। कुछ छात्रों का कहना है कि वे समय पर पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश समय से पहले ही गेट बंद कर दिया गया था। छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठने के लिए सुरक्षाकर्मियों से विनती करते रहे। अभिभावकों ने भी बच्चों को परीक्षा में बैठने देने की गुहार लगाई। लेकिन केंद्राध्यक्ष और मजिस्ट्रेट ने किसी की नहीं सुनी। एक साल की मेहनत बर्बाद होते देख छात्र-छात्राएं भावुक हो गए। कुछ छात्र रोने लगे। एक छात्र ने आक्रोश में केंद्राध्यक्ष की नौकरी खाने की धमकी तक दे दी। मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में इस तरह की सख्ती से जहां कुछ लोग नियमों के कड़े पालन की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि मामूली देरी के लिए छात्रों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए था। आज से कड़े इंतेजाम के बीच जिले में कुल 58 परीक्षा केंद्रों बनाए गए। जिसमें 7 अतिसंवेदनशील केंद्र बनाएं गए। जिसमें 9502 बच्चे कक्षा 12वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षार्थियों को 9 बजे तक ही एग्जाम सेंटर में प्रवेश की इजाजत थी, लेकिन जरा से देरी ने बच्चों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया।
बड़वानी के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 में मंगलवार को 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई। इस दौरान कक्षा 12वीं के हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा में 8 छात्र-छात्राएं को 3-4 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के चलते अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए निर्धारित समय पर केंद्र का गेट बंद कर दिया गया। कुछ छात्रों का कहना है कि वे समय पर पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश समय से पहले ही गेट बंद कर दिया गया था। छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठने के लिए सुरक्षाकर्मियों से विनती करते रहे। अभिभावकों ने भी बच्चों को परीक्षा में बैठने देने की गुहार लगाई। लेकिन केंद्राध्यक्ष और मजिस्ट्रेट ने किसी की नहीं सुनी। एक साल की मेहनत बर्बाद होते देख छात्र-छात्राएं भावुक हो गए। कुछ छात्र रोने लगे। एक छात्र ने आक्रोश में केंद्राध्यक्ष की नौकरी खाने की धमकी तक दे दी। मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में इस तरह की सख्ती से जहां कुछ लोग नियमों के कड़े पालन की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि मामूली देरी के लिए छात्रों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए था। आज से कड़े इंतेजाम के बीच जिले में कुल 58 परीक्षा केंद्रों बनाए गए। जिसमें 7 अतिसंवेदनशील केंद्र बनाएं गए। जिसमें 9502 बच्चे कक्षा 12वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षार्थियों को 9 बजे तक ही एग्जाम सेंटर में प्रवेश की इजाजत थी, लेकिन जरा से देरी ने बच्चों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया।