शाजापुर में पुलिस अधीक्षक ने किया जनरल परेड का निरीक्षण:उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, दरबार में सुनी समस्याएं

शाजापुर पुलिस लाइन में आज शुक्रवार सुबह जनरल परेड का आयोजन किया गया। शाजापुर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने परेड की सलामी ली। उन्होंने प्लाटून वार परेड का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों के टर्नआउट की समीक्षा की। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया गया। टर्नआउट में सुधार की जरूरत वाले कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्लाटून कमांडरों ने अपने-अपने प्लाटून को एकल रूप से परेड अभ्यास कराया। वही एसपी ने शासकीय वाहनों का भी निरीक्षण किया। रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह ने परेड का संचालन किया। प्रभावशाली मार्चपास्ट के साथ परेड का समापन हुआ। परेड के बाद एसपी ने दरबार का आयोजन किया। इसमें उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं सुनीं। समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। पुलिस विभाग में परेड को अनुशासन की नींव माना जाता है। यह न केवल अनुशासन को मजबूत करती है, बल्कि टीम वर्क की भावना भी विकसित करती है। इससे पुलिसकर्मी शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त रहते हैं।

शाजापुर में पुलिस अधीक्षक ने किया जनरल परेड का निरीक्षण:उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, दरबार में सुनी समस्याएं
शाजापुर पुलिस लाइन में आज शुक्रवार सुबह जनरल परेड का आयोजन किया गया। शाजापुर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने परेड की सलामी ली। उन्होंने प्लाटून वार परेड का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों के टर्नआउट की समीक्षा की। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया गया। टर्नआउट में सुधार की जरूरत वाले कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्लाटून कमांडरों ने अपने-अपने प्लाटून को एकल रूप से परेड अभ्यास कराया। वही एसपी ने शासकीय वाहनों का भी निरीक्षण किया। रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह ने परेड का संचालन किया। प्रभावशाली मार्चपास्ट के साथ परेड का समापन हुआ। परेड के बाद एसपी ने दरबार का आयोजन किया। इसमें उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं सुनीं। समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। पुलिस विभाग में परेड को अनुशासन की नींव माना जाता है। यह न केवल अनुशासन को मजबूत करती है, बल्कि टीम वर्क की भावना भी विकसित करती है। इससे पुलिसकर्मी शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त रहते हैं।