झांसी मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की हड़ताल:बोले- 3 महीने का वेतन नहीं मिला, 20 दिन से झांसा दे रही कंपनी, अफसर भी नहीं सुनते

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। गेट नंबर एक पर एकत्र हुए वार्डबॉय और सफाई कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि आज 3 महीने पूरे हो गए, लेकिन वेतन नहीं मिला। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। 20 दिन से कंपनी झांसा दे रही है। शिकायत पर अफसर भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में हड़ताल करनी पड़ी। हड़ताल से मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। साथ ही मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। 400 से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं मेडिकल कॉलेज में एक निजी कंपनी के जरिए 400 से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात हैं। इनको दिसंबर और जनवरी की सैलरी नहीं मिली। इसके बाद से कर्मचारी परेशान है। 10 फरवरी से वे कंपनी के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी भी कभी दो दिन तो कभी तीन दिन में सैलरी आने का भरोसा देते रहे, मगर सैलरी नहीं आई। आज 3 महीने पूरे हो गए। परेशान होकर कर्मचारियों ने आज हड़ताल कर दी। सुबह सभी कर्मचारी गेट नंबर एक के पास एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। वार्डबॉय से झाड़ू लगवाने की धमकी देते हैं सेवाराम ने बताया कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी का वेतन नहीं मिला है। 3 माह से भूखे मर रहे हैं। आज-कल, आज-कल कहकर कंपनी टालती रहती है। अब कहां तक इनका भरोसा करें। हम लोग भूखे मर रहे हैं और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर का खर्चा नहीं चल रहा है। अब बताओ, क्या करें, हड़ताल न करें तो कैसे काम चले। नीचे से ऊपर तक पूरा सिस्टम खराब है। वार्डबॉय को धमकी देते हैं कि हड़ताल की तो झाड़ू लगवाएंगे। पवन ने बताया कि आज वार्डबॉय और स्वीपर वेतन न मिलने की वजह से हड़ताल पर हैं। आज 3 महीने पूरे हो गए। लेकिन सैलरी की कोई सुनवाई नहीं है। 10 फरवरी से कह रहे हैं कि दो दिन में सैलरी आ जाएगी, मगर आज तक नहीं आई। बच्चों के एग्जाम सिर पर है, फीस न दे पाने की वजह से उनको स्कूल से निकालने की धमकी दी जा रही है। हमने प्रिंसिपल ऑफिस में भी लिखकर दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए आज हड़ताल करनी पड़ी। किराया नहीं दे पा रहे, मालिक फेंक रहे सामान अर्चना ने बताया कि आज तीन माह पूरे हो गए, लेकिन वेतन नहीं आया। कभी समय पर वेतन नहीं आता। 8013 रुपए मिलते हैं, उसमें पहले ही घर चलाना मुश्किल होता है। फिर सैलरी नहीं आती तो और परेशानी बढ़ जाती है। शशि का कहना है कि 3 माह की सैलरी नहीं मिली है। किराए के कमरे में रहते हैं तो किराया भी नहीं दे पाए। अब मालिक सामान बाहर फेंक रहे हैं कि कमरा खाली करो। 6 माह से पीएफ भी नहीं आया। शिकायत करो तो अधिकारी कहते हैं आएंगे, पर होता कुछ नहीं है। नोटिस दिया था, आज मिल जाएगी सैलरी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मयंक सिंह का कहना है कि कंपनी को नोटिस देकर सैलरी देने के लिए कहा गया था। आज या कल में सैलरी मिल जाएगी। हड़ताल पर गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से समझाइश कर काम पर लौटने के लिए कहा गया है।

झांसी मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की हड़ताल:बोले- 3 महीने का वेतन नहीं मिला, 20 दिन से झांसा दे रही कंपनी, अफसर भी नहीं सुनते
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। गेट नंबर एक पर एकत्र हुए वार्डबॉय और सफाई कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि आज 3 महीने पूरे हो गए, लेकिन वेतन नहीं मिला। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। 20 दिन से कंपनी झांसा दे रही है। शिकायत पर अफसर भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में हड़ताल करनी पड़ी। हड़ताल से मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। साथ ही मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। 400 से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं मेडिकल कॉलेज में एक निजी कंपनी के जरिए 400 से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात हैं। इनको दिसंबर और जनवरी की सैलरी नहीं मिली। इसके बाद से कर्मचारी परेशान है। 10 फरवरी से वे कंपनी के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी भी कभी दो दिन तो कभी तीन दिन में सैलरी आने का भरोसा देते रहे, मगर सैलरी नहीं आई। आज 3 महीने पूरे हो गए। परेशान होकर कर्मचारियों ने आज हड़ताल कर दी। सुबह सभी कर्मचारी गेट नंबर एक के पास एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। वार्डबॉय से झाड़ू लगवाने की धमकी देते हैं सेवाराम ने बताया कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी का वेतन नहीं मिला है। 3 माह से भूखे मर रहे हैं। आज-कल, आज-कल कहकर कंपनी टालती रहती है। अब कहां तक इनका भरोसा करें। हम लोग भूखे मर रहे हैं और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर का खर्चा नहीं चल रहा है। अब बताओ, क्या करें, हड़ताल न करें तो कैसे काम चले। नीचे से ऊपर तक पूरा सिस्टम खराब है। वार्डबॉय को धमकी देते हैं कि हड़ताल की तो झाड़ू लगवाएंगे। पवन ने बताया कि आज वार्डबॉय और स्वीपर वेतन न मिलने की वजह से हड़ताल पर हैं। आज 3 महीने पूरे हो गए। लेकिन सैलरी की कोई सुनवाई नहीं है। 10 फरवरी से कह रहे हैं कि दो दिन में सैलरी आ जाएगी, मगर आज तक नहीं आई। बच्चों के एग्जाम सिर पर है, फीस न दे पाने की वजह से उनको स्कूल से निकालने की धमकी दी जा रही है। हमने प्रिंसिपल ऑफिस में भी लिखकर दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए आज हड़ताल करनी पड़ी। किराया नहीं दे पा रहे, मालिक फेंक रहे सामान अर्चना ने बताया कि आज तीन माह पूरे हो गए, लेकिन वेतन नहीं आया। कभी समय पर वेतन नहीं आता। 8013 रुपए मिलते हैं, उसमें पहले ही घर चलाना मुश्किल होता है। फिर सैलरी नहीं आती तो और परेशानी बढ़ जाती है। शशि का कहना है कि 3 माह की सैलरी नहीं मिली है। किराए के कमरे में रहते हैं तो किराया भी नहीं दे पाए। अब मालिक सामान बाहर फेंक रहे हैं कि कमरा खाली करो। 6 माह से पीएफ भी नहीं आया। शिकायत करो तो अधिकारी कहते हैं आएंगे, पर होता कुछ नहीं है। नोटिस दिया था, आज मिल जाएगी सैलरी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मयंक सिंह का कहना है कि कंपनी को नोटिस देकर सैलरी देने के लिए कहा गया था। आज या कल में सैलरी मिल जाएगी। हड़ताल पर गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से समझाइश कर काम पर लौटने के लिए कहा गया है।